PF के नियम अब 1952 वाले scheme से नहीं चलते। सरकार ने Code on Social Security, 2020 के तहत Employees' Provident Funds Scheme, 2026 को 29 जून 2026 को अधिसूचित किया (G.S.R. 525(E)), और यह 1 जुलाई 2026 से लागू है। निकासी के जो बदलाव अक्टूबर 2025 में EPFO के Central Board of Trustees ने मंज़ूर किए थे, वो अब इसी scheme का हिस्सा हैं।
यह लेख सिर्फ़ नियमों के बारे में है: कितना, कब और कितनी बार। Claim भरने का तरीका, कौन सा form और claim क्यों reject होते हैं, यह हमारे अलग लेख 'PF का पैसा कैसे निकालें' में है।
नौकरी करते हुए निकासी: क्या बदला
- कारण अब 13 नहीं, 3 समूहों में हैं: ज़रूरी खर्च (इलाज, पढ़ाई, शादी), घर, और विशेष परिस्थितियाँ।
- हर तरह की आंशिक निकासी के लिए अब सिर्फ़ 12 महीने की सदस्यता चाहिए। पहले कई कारणों के लिए यह कई साल थी।
- निकासी अब employee और employer दोनों के हिस्से और उस पर ब्याज से हो सकती है। पहले ज़्यादातर मामलों में सिर्फ़ अपना हिस्सा मिलता था।
- पर कुल जमा का 25% हमेशा खाते में रहेगा। यानी एक बार में ज़्यादा से ज़्यादा 75% तक।
- पढ़ाई के लिए 10 बार और शादी के लिए 5 बार तक निकाल सकते हैं। पहले दोनों मिलाकर 3 बार।
- विशेष परिस्थितियों में कारण बताने की ज़रूरत नहीं। एक application कम से कम ₹1,000 की होनी चाहिए।

अपने खाते पर लगाकर देखिए
राहुल के PF में कुल ₹4,00,000 हैं: उसका हिस्सा, कंपनी का हिस्सा और ब्याज मिलाकर। 25% यानी ₹1,00,000 खाते में रहना ज़रूरी है, इसलिए नौकरी करते हुए वो किसी मान्य कारण पर ₹3,00,000 तक निकाल सकता है। अगर उसकी नौकरी छूट जाए, तो ₹3,00,000 तुरंत निकाल सकता है और बाकी ₹1,00,000 तब, जब वो 12 महीने तक बेरोज़गार रहे। pension (EPS) वाला हिस्सा अलग है: उसकी निकासी के लिए अब 36 महीने रुकना होगा। और 5 साल की लगातार सेवा से पहले ₹50,000 से ज़्यादा निकाला, तो TDS भी कटेगा।
नौकरी छूटने पर: सबसे बड़ा बदलाव
- पहले नौकरी छूटने के 2 महीने बाद पूरा PF निकल जाता था। अब 75% तुरंत निकाल सकते हैं, बाकी 25% बेरोज़गारी के 12 महीने बाद।
- Pension (EPS) की निकासी के लिए इंतज़ार 2 महीने से बढ़कर 36 महीने हो गया है। मंत्रालय का कहना है कि 58 साल पर मिलने वाली pension पर इसका असर नहीं पड़ता।
- पूरा पैसा, 25% समेत, retirement पर, स्थायी विकलांगता पर या भारत हमेशा के लिए छोड़ने पर मिलता है।
- मकसद साफ़ है: नौकरी बदलने के बीच के कुछ महीनों में लोग पूरा PF न निकाल लें। नई नौकरी में PF transfer कराने से सेवा के साल जुड़ते रहते हैं।
UPI से PF: कब तक
- EPFO, UPI से सीधे PF निकालने की सुविधा का trial कर रहा है। 8 अक्टूबर 2026 की रिपोर्टों के मुताबिक इसके दिसंबर 2026 तक शुरू होने की उम्मीद है; कुछ रिपोर्टें पूरे rollout के लिए 2027 से पहले का समय बताती हैं।
- इसमें भी वही 75% वाली सीमा और वही शर्तें लागू रहने की बात है। नियम नहीं बदलेंगे, बस पैसा आने का रास्ता तेज़ होगा।
- जब तक EPFO ख़ुद शुरुआत की घोषणा न करे, यह सुविधा चालू नहीं है। 'UPI से PF निकालें' वाले किसी link, app या call पर UAN, password या OTP मत दीजिए।
- आज का रास्ता वही है: EPFO member portal या UMANG app पर claim, और पैसा आपके verified बैंक खाते में।
निकालने से पहले एक बार सोचिए
नियम आसान होने का मतलब यह नहीं कि निकालना सस्ता है। PF पर ब्याज टैक्स-फ़्री चलता है और किसी भी सुरक्षित विकल्प से अच्छा है। 30 की उम्र में निकाला गया एक लाख, 58 तक कई गुना हो सकता था। निकासी तब समझदारी है जब विकल्प महँगा personal loan हो, शौक़ के लिए नहीं।
Frequently asked questions
- PF का नया scheme कब से लागू है?
- Employees' Provident Funds Scheme, 2026 को 29 जून 2026 को अधिसूचित किया गया (G.S.R. 525(E)) और यह 1 जुलाई 2026 से लागू है। इसने 1952 वाले scheme की जगह ली है।
- नौकरी करते हुए PF से कितना निकाल सकते हैं?
- 12 महीने की सदस्यता के बाद किसी मान्य कारण पर, कुल जमा (दोनों हिस्से और ब्याज) में से 25% खाते में छोड़कर। यानी ज़्यादा से ज़्यादा 75% तक।
- नौकरी छूटने के बाद पूरा PF कब मिलेगा?
- 75% तुरंत निकाल सकते हैं। बाकी 25% बेरोज़गारी के 12 महीने बाद। Pension (EPS) वाले हिस्से के लिए 36 महीने का इंतज़ार है।
- क्या UPI से PF निकालना शुरू हो गया है?
- अभी नहीं। EPFO इसका trial कर रहा है और रिपोर्टों के मुताबिक दिसंबर 2026 तक शुरुआत की उम्मीद है। EPFO की घोषणा से पहले किसी link या call पर भरोसा मत कीजिए।
- PF निकालने पर टैक्स कटता है?
- 5 साल की लगातार सेवा पूरी होने के बाद नहीं। उससे पहले ₹50,000 से ज़्यादा निकालने पर TDS कटता है; PAN जुड़ा होना ज़रूरी है।