SIP यानी Systematic Investment Plan — एक ऐसा तरीका जिसमें आप म्यूचुअल फंड में हर महीने एक तय रकम निवेश करते हैं। बड़ी रकम एक साथ लगाने के बजाय, आप थोड़ा-थोड़ा करके नियमित निवेश करते हैं। यही अनुशासन लंबे समय में बड़ा फंड बनाता है।
SIP कैसे काम करता है?
हर महीने आपकी तय रकम अपने-आप कटकर म्यूचुअल फंड में लग जाती है और बदले में आपको फंड की 'यूनिट्स' मिलती हैं। जब बाज़ार नीचे होता है तो उसी रकम में ज़्यादा यूनिट्स मिलती हैं, और जब ऊपर होता है तो कम। इसे 'रुपी कॉस्ट एवरेजिंग' कहते हैं — इससे बाज़ार का सही समय देखने की ज़रूरत नहीं रहती।
अपने नंबर से देखिएFD CalculatorFixed deposit maturitySIP के मुख्य फायदे
- अनुशासन — हर महीने अपने-आप निवेश होता है, इसलिए बचत की आदत बन जाती है।
- कंपाउंडिंग — रिटर्न पर भी रिटर्न मिलता है, और जितना लंबा समय, उतना बड़ा असर।
- कम जोखिम — निवेश अलग-अलग समय पर बंटता है, इसलिए बाज़ार गिरने का झटका कम लगता है।
- छोटी शुरुआत — आप ₹500 महीने से भी SIP शुरू कर सकते हैं।
₹5,000 की SIP 20 साल में कितनी बनेगी?
मान लीजिए आप हर महीने ₹5,000 की SIP करते हैं और औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है (इक्विटी म्यूचुअल फंड का लंबी अवधि का अनुमान)। 20 साल में यह लगभग ₹50 लाख बन सकती है — जबकि आपने खुद सिर्फ़ ₹12 लाख लगाए होंगे। बाकी पूरी रकम कंपाउंडिंग से आती है। ध्यान दें: 12% एक अनुमान है, गारंटी नहीं — असली रिटर्न घटता-बढ़ता रहता है।
अपनी रकम और अवधि डालकर खुद देखें कि आपकी SIP कितनी बन सकती है:
SIP कैलकुलेटरFrequently asked questions
- SIP क्या है?
- SIP (Systematic Investment Plan) म्यूचुअल फंड में हर महीने एक तय रकम निवेश करने का तरीका है। इससे बचत की आदत बनती है और रुपी कॉस्ट एवरेजिंग व कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है।
- क्या SIP का रिटर्न गारंटीड होता है?
- नहीं। SIP इक्विटी म्यूचुअल फंड में हो तो रिटर्न बाज़ार पर निर्भर करता है और घटता-बढ़ता रहता है। लंबी अवधि में औसत रिटर्न अच्छा रहता है, पर कोई गारंटी नहीं होती।
- कम से कम कितने पैसे से SIP शुरू कर सकते हैं?
- ज़्यादातर फंड में आप ₹500 प्रति माह से SIP शुरू कर सकते हैं। रकम बाद में कभी भी बढ़ाई जा सकती है।