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इनकम टैक्स कैसे बचाएं? सैलरी पर टैक्स बचाने के तरीके

सही टैक्स रिजीम चुनने से लेकर 80C, HRA, 80D और NPS तक — सैलरी पर टैक्स बचाने का व्यावहारिक तरीका।

6 min readBy Nilay Kabariya · how we check this

सैलरी पर टैक्स बचाना कोई जादू नहीं है — यह दो बातों पर टिका है: सही टैक्स रिजीम चुनना, और फिर उन कुछ ज़रूरी कटौतियों (deductions) का इस्तेमाल करना जो सच में फ़र्क डालती हैं। आइए इसे क्रम से समझें।

पहला कदम — सही रिजीम चुनें

किसी भी कटौती से पहले तय करें कि आप कौन-सा रिजीम चुन रहे हैं। नया रिजीम (अब डिफ़ॉल्ट) में दरें कम हैं, ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन है, और §87A (नए Income-tax Act, 2025 में section 156) रिबेट के चलते ₹12 लाख तक टैक्सेबल इनकम पर टैक्स शून्य हो जाता है — पर बाकी छूटें नहीं मिलतीं। पुराने रिजीम में दरें ज़्यादा हैं, पर बहुत-सी कटौतियां मिलती हैं।

आम नियम: अगर आपकी कुल कटौतियां ज़्यादा (लगभग ₹4–4.5 लाख से ऊपर) हैं — जैसे ज़्यादा किराया या होम लोन — तभी पुराना रिजीम सस्ता पड़ता है। अंदाज़ा न लगाएं, दोनों तरीके से अपनी असली रकम जांचें:

सैलरी कैलकुलेटर (पुराना बनाम नया)अपने नंबर से देखिएIn-Hand Salary CalculatorCTC to monthly take-home, with full breakup

दूसरा कदम — पुराने रिजीम की मुख्य कटौतियां

  • HRA — अगर आप किराया देते हैं तो अक्सर यही सबसे बड़ी बचत होती है। ज़्यादातर लोग इसे अंदाज़े से कम क्लेम कर देते हैं।
  • 80C (नए Income-tax Act, 2025 में section 123) (₹1.5 लाख तक) — EPF, PPF, ELSS, जीवन बीमा, बच्चों की ट्यूशन फीस, होम लोन का मूलधन।
  • होम लोन का ब्याज (धारा 24b) — अपने रहने वाले घर पर सालाना ₹2 लाख तक।
  • NPS (80CCD(1B), नए Income-tax Act, 2025 में section 124) — 80C से अलग, अतिरिक्त ₹50,000 की छूट।
  • 80D (नए Income-tax Act, 2025 में section 126) — अपना और माता-पिता का स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम।

तीसरा कदम — HRA सही से क्लेम करें

HRA छूट तीन में से सबसे कम रकम होती है: मिली हुई HRA; चुकाया किराया घटा बेसिक का 10%; और मेट्रो में बेसिक का 50% (या नॉन-मेट्रो में 40%)। हर महीने की रसीदें संभालकर रखें। अंदाज़े के बजाय अपनी सटीक छूट निकालें:

HRA कैलकुलेटर

संक्षेप में: कम कटौतियों वाले ज़्यादातर लोगों के लिए नया रिजीम अब सस्ता पड़ता है। अगर आप अच्छा-ख़ासा किराया या होम लोन चुकाते हैं, तो पुराने रिजीम में HRA + 80C + होम लोन ब्याज + NPS जोड़कर देखें। हर मार्च में दोबारा जांच लें।

Frequently asked questions

नए रिजीम में कितनी इनकम टैक्स-फ्री है?
नए रिजीम (FY 2026-27) में §87A रिबेट के चलते ₹12 लाख तक टैक्सेबल इनकम पर टैक्स शून्य है। ₹75,000 के स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ लगभग ₹12.75 लाख तक की सैलरी पर कोई इनकम टैक्स नहीं लगता।
सैलरी पर सबसे ज़्यादा टैक्स कौन-सी कटौती बचाती है?
किराया देने वालों के लिए आमतौर पर HRA छूट सबसे बड़ी बचत है। इसके बाद 80C (अक्सर EPF से ही भर जाता है) और होम लोन का ब्याज (धारा 24b) सबसे ज़्यादा असर डालते हैं।
क्या नए रिजीम में 80C और HRA मिलते हैं?
नहीं। 80C और HRA जैसी कटौतियां सिर्फ़ पुराने रिजीम में मिलती हैं। नया रिजीम चुनने पर ये नहीं मिलतीं, इसलिए दोनों रिजीम की तुलना करके ही फ़ैसला करें।

Educational content, not financial advice. Figures are illustrative and based on the rules current at the time of writing; verify specifics with a qualified advisor.

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