हर कुछ महीने खबर आती है कि RBI ने repo rate बढ़ाया या घटाया, और फिर आपकी EMI या FD का ब्याज बदल जाता है। 7 अक्टूबर 2026 को RBI ने इसे 0.25% बढ़ाकर 5.50% किया। पर repo rate असल में है क्या?
एक मिसाल से समझिए
मान लीजिए आप किसी दोस्त से कुछ दिनों के लिए पैसे उधार लेते हैं और भरोसे के लिए अपनी घड़ी उसके पास रख देते हैं। पैसे लौटाते ही घड़ी वापस। Banks भी यही करते हैं: वे RBI को सरकारी bonds गिरवी रखकर कम समय के लिए पैसा लेते हैं। इस उधार पर RBI जो ब्याज लेता है, वही repo rate है।
अक्टूबर 2026 की चारों दरें
- Repo rate: 5.50%, जिस पर banks RBI से उधार लेते हैं
- SDF (Standing Deposit Facility): 5.25%, जो RBI banks का बचा पैसा रखने पर देता है
- MSF और Bank Rate: 5.75%, आपातकाल में उधार की दर
- Stance: calibrated tightening, यानी ज़रूरत पड़ने पर और सख्ती का इशारा
पहले इस निचली दर का नाम reverse repo था। 2022 से उसकी जगह SDF ने ले ली है, इसलिए पुराने लेखों में reverse repo लिखा दिखे तो वह यही है।
यह आपकी EMI तक कैसे पहुँचता है
अक्टूबर 2019 से banks के ज़्यादातर नए floating home loan सीधे repo rate से जुड़े हैं, जिसे EBLR या RLLR कहते हैं। आपका rate होता है: repo rate + bank का तय spread। Repo 0.25% बढ़ा, तो अगली reset date पर आपका rate भी लगभग उतना ही बढ़ सकता है।
₹20 लाख से ₹75 लाख: EMI कितनी बढ़ेगीRBI rate बढ़ाता क्यों है
महँगाई रोकने के लिए। उधार महँगा होता है तो लोग और कंपनियाँ कम खर्च करते हैं, और कीमतों पर दबाव घटता है। इस बार RBI ने 2026-27 के लिए महँगाई का अनुमान 5.2% रखा, और अक्टूबर से दिसंबर की तिमाही के लिए 6.0%। Core महँगाई 4.4% बताई गई।
FD वालों के लिए
Repo बढ़ने पर banks जमा पर भी ज़्यादा ब्याज दे सकते हैं, पर यह ज़रूरी नहीं और अक्सर देर से होता है।
FD अभी करें या रुकेंअपनी EMI निकालिएFrequently asked questions
- Repo rate क्या होता है?
- वह ब्याज दर जिस पर RBI banks को सरकारी bonds गिरवी रखकर कम समय के लिए पैसा उधार देता है।
- अभी repo rate कितना है?
- 5.50%, 7 अक्टूबर 2026 से।
- Reverse repo और SDF में क्या फ़र्क है?
- SDF ने 2022 में reverse repo की जगह ली। यह वह दर है जो RBI banks का बचा पैसा रखने पर देता है, अभी 5.25%।
- RBI की अगली policy कब है?
- MPC की अगली बैठक 2 से 4 दिसंबर 2026 को है।