IPO को अक्सर 'पक्का मुनाफ़ा' मानकर लगाया जाता है: शेयर मिल गए तो listing पर बेचो और कमाओ। पर listing वाले दिन शेयर issue price से नीचे भी खुल सकता है, और नीचे ही बंद भी हो सकता है। अंदाज़े की जगह, हमने अपना ही record देखा: 3 सितंबर से 8 अक्टूबर 2026 के बीच NSE पर list हुए 35 mainboard IPO, उनका issue price, listing से पहले का GMP, और listing वाले दिन का closing price।
35 IPO, listing वाले दिन का नतीजा
- 35 में से 9 IPO listing वाले दिन issue price से नीचे बंद हुए। यानी लगभग हर चार में से एक।
- सबसे बड़ा नुकसान: ArMee Infotech, issue price ₹375, listing day पर −20%। AceVector, issue price ₹32, −18.5%।
- आधे IPO ने 9.8% या उससे कम दिया। औसत +18.5% दिखता है, पर वह कुछ बड़े winners (जैसे ESDS +111.7%) की वजह से ऊपर है।
- 6 IPO 0% से 5% के बीच रहे, यानी brokerage और टैक्स के बाद लगभग कुछ नहीं।
Listing-day return = (listing वाले दिन का closing price − issue price) ÷ issue price। Closing price NSE के daily data से लिया गया है। यह record हमारे GMP accuracy tracker का है, जो हर listing के बाद अपने-आप update होता है।
GMP vs listing: पूरा live recordअपने नंबर से देखिएBrokerage CalculatorReal per-trade charges & net P&L by broker₹15,000 लगाए हों, तो loss कितना?
एक retail lot आम तौर पर ₹14,000 से ₹15,000 के आसपास होता है। −20% का मतलब है कि ₹15,000 का lot listing वाले दिन ₹12,000 का रह गया: ₹3,000 कम, brokerage और टैक्स से पहले। −10% पर ₹1,500 कम। IPO में 'loss' का मतलब यही है: जो पैसा block हुआ था, शेयर बेचने पर उससे कम वापस आना।
GMP ने पहले से क्या बताया था?
GMP (grey market premium) एक अनौपचारिक अंदाज़ा है कि शेयर listing पर कितने में बिकेगा। यह कोई official number नहीं है। फिर भी हमारे 35 IPO में एक pattern साफ़ दिखा:
- जिन 13 IPO का GMP issue price के 5% से कम था, उनमें से 6 listing पर नीचे बंद हुए, और 10 ने 5% से कम दिया।
- जिन 8 का GMP 5% से 15% के बीच था, उनमें से 3 नीचे बंद हुए।
- जिन 14 का GMP 15% या उससे ज़्यादा था, उनमें से कोई भी issue price से नीचे बंद नहीं हुआ।
मतलब, कम GMP वाले IPO में listing loss का खतरा कहीं ज़्यादा था, और ऊँचे GMP वाले इस छोटे sample में बचे रहे। पर 35 IPO छोटा sample है, और बाज़ार बदलता है: कल ऊँचे GMP वाला IPO भी गिर सकता है। GMP को guarantee मत मानिए।
GMP असल में क्या है और कितना भरोसेमंदListing के बाद भी गिर सकता है
ऊपर का हिसाब सिर्फ़ listing वाले दिन का है। उसके बाद शेयर आम शेयर की तरह चलता है: अच्छी listing वाला भी बाद में issue price से नीचे जा सकता है, और ख़राब listing वाला ऊपर भी आ सकता है। IPO शेयर रखने का फ़ैसला उस company को देखकर कीजिए, listing के दिन के उत्साह को देखकर नहीं।
Loss हुआ, तो टैक्स में क्या होता है
- 12 महीने के अंदर बेचा, तो नुकसान short-term capital loss है।
- यह loss उसी साल के capital gains से घटाया (set off) जा सकता है।
- बचा हुआ loss आगे के 8 साल तक carry forward हो सकता है, पर तभी जब आप ITR समय पर भरें और उसमें यह loss दिखाएँ।
Apply करने से पहले तीन बातें
- उतना ही लगाइए जितना block होने और घटने से आपकी ज़रूरतों पर असर न पड़े। IPO के लिए उधार लेना नुकसान को दोगुना करता है।
- Subscription के आँकड़े category के हिसाब से देखिए, सिर्फ़ total नहीं।
- GMP हर दिन बदलता है और अनौपचारिक है। उसे एक संकेत मानिए, वादा नहीं।
हम किसी IPO में apply करने या न करने की सलाह नहीं देते। यह हिसाब बस यह दिखाने के लिए है कि IPO में पैसा घट भी सकता है, और कितनी बार घटा।
IPO में allotment कैसे पाएं: जो सच में काम करता हैआज के IPO और GMP, हिंदी मेंFrequently asked questions
- क्या IPO में पैसा डूब सकता है?
- हाँ। शेयर listing वाले दिन issue price से नीचे बंद हो सकता है, और बाद में और गिर भी सकता है। हमारे record में सितंबर-अक्टूबर 2026 के 35 mainboard IPO में से 9 listing वाले दिन ही नीचे बंद हुए।
- Listing loss क्या होता है?
- जब शेयर listing वाले दिन अपने issue price से कम पर बंद हो, तो उस दिन बेचने पर हुआ नुकसान listing loss कहलाता है।
- क्या ऊँचा GMP मुनाफ़े की guarantee है?
- नहीं। GMP अनौपचारिक अंदाज़ा है। हमारे छोटे sample में 15% से ज़्यादा GMP वाले IPO नीचे बंद नहीं हुए, पर इससे आगे की कोई guarantee नहीं बनती।
- IPO के loss पर टैक्स में फ़ायदा मिलता है?
- 12 महीने के अंदर बेचने पर हुआ नुकसान short-term capital loss है। इसे capital gains से set off किया जा सकता है, और समय पर ITR भरने पर 8 साल तक आगे ले जाया जा सकता है।