शादी का बजट अक्सर तीन चीज़ों से शुरू होता है: hall, खाना और गहने। फिर तारीख़ पास आती है और छोटे-छोटे खर्चे जुड़ने लगते हैं: पंडित जी की दक्षिणा, बारात की गाड़ियाँ, मेहमानों के कमरे, staff की tips। अलग-अलग ये छोटे लगते हैं, पर मिलकर बजट को लाखों से हिला देते हैं। यह list उन्हीं को पहले से कागज़ पर लाने के लिए है।
शादी के खर्चों की पूरी list
- स्थान और सजावट: hall या lawn का किराया, मंडप और सजावट, lighting और generator, टेंट-कुर्सियाँ-बिजली।
- खाना: catering (मेहमानों की गिनती × प्रति plate), मिठाई के डिब्बे, मेहंदी-संगीत-हल्दी के दिन का खाना।
- कपड़े और गहने: दुल्हन के कपड़े, दूल्हे के कपड़े, गहने, परिवार के कपड़े।
- रस्में: पंडित जी और दक्षिणा, पूजा सामग्री, हल्दी-मेहंदी-संगीत का अलग setup।
- फ़ोटो और वीडियो: photographer, video या reel, album।
- मेहमान और बारात: कार्ड छपवाना और भेजना, मेहमानों के ठहरने के कमरे, गाड़ियाँ, बैंड-घोड़ी-DJ।
- सजना-सँवरना: makeup artist, मेहंदी artist।
- उपहार और लेन-देन: return gifts, रिश्तेदारों को शगुन और विदाई का सामान।
- छिपे खर्चे: tips और staff का खाना, vendor के bill पर अलग से लगा GST, आख़िरी हफ़्ते की ख़रीदारी।
Free Excel sheet: अपना हिसाब ख़ुद भरिए
ऊपर की पूरी list एक Excel sheet में है। हर खर्च के आगे चार column हैं: अनुमान, असली खर्च, कितना advance दिया, और अभी कितना बाकी है। Catering अपने-आप बनती है: मेहमानों की गिनती और प्रति plate का रेट भरिए, बाकी sheet कर देती है। नीचे कुल अनुमान, 10% का buffer और 'हर महीने कितना जमा करना होगा' अपने-आप निकलता है।
शादी का खर्चा list (Excel) download करेंSheet में पहले से भरे अंक सिर्फ़ उदाहरण हैं, बाज़ार भाव नहीं। आपके शहर, मेहमानों और पसंद के हिसाब से हर अंक बदल जाएगा, इसलिए vendor से quote लेकर उन्हें अपने अंकों से बदल दीजिए।
बजट बनाने का सही क्रम
- पहले कुल रक़म तय कीजिए, फिर उसे बाँटिए। Hall से शुरू करेंगे तो बाकी सब उसी के हिसाब से फैलता जाएगा।
- मेहमानों की गिनती सबसे बड़ा lever है। खाना, कमरे, कार्ड, return gifts: सब इसी से गुणा होते हैं। 300 की जगह 250 मेहमान का मतलब हर उस खर्च में करीब छठे हिस्से की बचत।
- हर vendor का advance और बाकी रक़म अलग लिखिए। शादी के हफ़्ते में सबसे बड़ा झटका 'बाकी payment' का होता है, जो सब एक साथ आता है।
- कुल का कम से कम 10% buffer रखिए। जो खर्चे list में नहीं थे, वे इसी से निकलेंगे।
उदाहरण: sheet के अपने अंकों से
Sheet में पहले से भरे उदाहरण अंकों से (300 मेहमान, ₹450 प्रति plate) 28 खर्चों का कुल अनुमान ₹11.04 लाख बनता है, और 10% buffer के साथ ₹12.14 लाख। अगर ₹3 लाख पहले से जमा हैं और शादी में 12 महीने बाकी हैं, तो हर महीने करीब ₹76,200 जमा करने होंगे। यही वह अंक है जो ज़्यादातर परिवार शादी से एक साल पहले नहीं निकालते, और फिर loan की तरफ़ देखते हैं।
शादी के लिए loan लेने से पहले
Personal loan से शादी का खर्च पूरा करना आसान लगता है, पर उसकी EMI शादी के बाद के सालों से चुकती है। अगर sheet का 'हर महीने कितना जमा करना होगा' आपकी बचत से ज़्यादा आता है, तो पहले मेहमानों की गिनती और बड़े खर्चे घटाकर देखिए, loan आख़िरी रास्ता रखिए।
Indian wedding का असली ख़र्च, और उसका fundशगुन कितना दें: calculatorमहीने का बजट बनाइएFrequently asked questions
- शादी में क्या-क्या खर्च आता है?
- मोटे तौर पर नौ हिस्से: स्थान और सजावट, खाना, कपड़े और गहने, रस्में, फ़ोटो-वीडियो, मेहमान और बारात, makeup, उपहार और लेन-देन, और छिपे खर्चे जैसे tips और GST। ऊपर की list और free Excel sheet में 28 खर्चे अलग-अलग हैं।
- शादी का बजट कैसे बनाएं?
- पहले कुल रक़म तय कीजिए, फिर मेहमानों की गिनती, क्योंकि खाना, कमरे और gifts उसी से गुणा होते हैं। फिर हर खर्च का अनुमान, advance और बाकी रक़म अलग लिखिए, और 10% buffer रखिए।
- शादी के खर्चे की list Excel में कहाँ मिलेगी?
- इसी पेज से free download कर सकते हैं। Sheet में अनुमान, असली खर्च, advance और बाकी के column हैं, और कुल व हर महीने की ज़रूरी बचत अपने-आप निकलती है।
- शादी के खर्च में सबसे ज़्यादा पैसा कहाँ जाता है?
- आम तौर पर खाना, स्थान और गहने। इनमें से खाना सीधे मेहमानों की गिनती से जुड़ा है, इसलिए गिनती घटाना सबसे बड़ी बचत देता है।