इस साल दिवाली 8 नवंबर को है। खर्च उससे कई हफ़्ते पहले शुरू हो जाता है — सफ़ाई से, फिर रंगाई, फिर खरीदारी। और यही वजह है कि नवंबर का बजट हर साल गड़बड़ाता है: खर्च एक दिन का नहीं, एक महीने का होता है।
LocalCircles के शहरी सर्वे के मुताबिक 44% परिवार दिवाली पर ₹1 लाख या उससे ज़्यादा खर्च करने की बात कहते हैं, 18% ₹20,000 से ₹50,000 के बीच और 26% ₹10,000 से ₹20,000 के बीच। यानी 'औसत' जैसा कुछ है ही नहीं — आपका आँकड़ा आपकी सूची से बनता है।
खर्च किन हिस्सों में बँटता है
- सफ़ाई और रंगाई: अगर पुताई करवाई तो यही सबसे बड़ी लाइन बन जाती है।
- गिफ्ट: सर्वे के अनुसार हर दूसरा परिवार मिठाई, चॉकलेट या ड्राई फ्रूट देता है; हर चौथा दीये, मोमबत्ती या खुशबू।
- कपड़े: परिवार के हर सदस्य के लिए, अक्सर सबसे कम गिना जाने वाला खर्च।
- मिठाई और खाना: घर आने वालों के लिए, जो संख्या में अंदाज़े से ज़्यादा निकलते हैं।
- रोशनी और पटाखे: लड़ियाँ एक बार की खरीद हैं, पटाखे हर साल की।
- तीज-त्योहार का नेग और घर के काम में मदद करने वालों का बोनस।

एक परिवार का उदाहरण
चार लोगों का शहरी परिवार, पुताई इस साल नहीं करवाई। गिफ्ट: दस घरों में मिठाई या ड्राई फ्रूट, ₹600 प्रति घर — ₹6,000। कपड़े: चार लोग, औसत ₹2,000 — ₹8,000। सफ़ाई, परदे और छोटी-मोटी मरम्मत: ₹5,000। मिठाई, नाश्ता और मेहमानों का खाना: ₹4,000। लड़ियाँ, दीये और पटाखे: ₹2,500। काम में मदद करने वालों का बोनस और बच्चों का नेग: ₹3,000। कुल ₹28,500 — यानी नवंबर की सैलरी का एक बड़ा हिस्सा, और इसमें पुताई या कोई बड़ी खरीदारी शामिल नहीं है। पुताई जोड़ दें तो यह आसानी से ₹40,000 पार कर जाता है।
खर्च घटाए बिना बजट बचाने के तरीके
- सूची पहले बनाइए, खरीदारी बाद में — त्योहार का खर्च याद से नहीं, गिनती से संभलता है।
- गिफ्ट की संख्या तय कीजिए, कीमत नहीं। दस घर तय हैं तो बजट अपने-आप तय है।
- लड़ियाँ और सजावट हर साल नई लेने के बजाय संभालकर रखिए — यही लाइन हर साल दोहराई जाती है।
- बोनस मिलने से पहले खर्च मत बाँधिए; बोनस पर टैक्स कटता है, हाथ में कम आता है।
- अगले साल के लिए: जनवरी से ₹2,500 महीने की RD आपकी पूरी दिवाली का बजट बना देती है।
Frequently asked questions
- दिवाली 2026 कब है?
- 8 नवंबर 2026, रविवार। खरीदारी और सफ़ाई का खर्च उससे तीन-चार हफ़्ते पहले शुरू हो जाता है।
- एक परिवार दिवाली पर कितना खर्च करता है?
- LocalCircles के शहरी सर्वे में 44% परिवारों ने ₹1 लाख से ज़्यादा, 18% ने ₹20,000-50,000 और 26% ने ₹10,000-20,000 बताया। सूची पर निर्भर करता है।
- सबसे बड़ा खर्च कौन सा होता है?
- अगर पुताई करवाई तो वही। नहीं तो कपड़े और गिफ्ट मिलकर आधे से ज़्यादा बजट ले जाते हैं।
- दिवाली का खर्च कैसे संभालें?
- संख्या तय कीजिए — कितने घरों में गिफ्ट, कितने कपड़े — और उसी से बजट बनाइए। साल भर की छोटी RD सबसे आसान तरीका है।