Gold loan भारत में सबसे तेज़ मिलने वाला कर्ज़ है। न salary slip, न CIBIL की बड़ी जाँच — सोना गिरवी रखिए और कई बार उसी दिन पैसा खाते में। यही आसानी इसकी सबसे बड़ी ताक़त भी है और सबसे बड़ा ख़तरा भी, क्योंकि गिरवी रखा सोना अक्सर परिवार की आख़िरी बचत होता है।
Gold loan लेने की पूरी प्रक्रिया
- Lender चुनिए — सरकारी या निजी bank, या gold loan देने वाली NBFC। Bank आम तौर पर सस्ते होते हैं, NBFC तेज़ और ज़्यादा जगह मौजूद।
- सोना और KYC लेकर branch जाइए — Aadhaar, PAN और एक फ़ोटो। कई lender अब घर आकर भी सोना जाँचते हैं।
- सोने की शुद्धता और वज़न की जाँच आपके सामने होती है। सिर्फ़ शुद्ध सोने का वज़न गिना जाता है — नग, मोती, धागा और बनवाई नहीं।
- Lender loan की रकम, ब्याज दर, चुकाने का तरीका और सारी फ़ीस बताता है। सब कुछ लिखित sanction में लीजिए।
- सोना सील होकर lender के पास जाता है, आपको उसकी रसीद मिलती है, और पैसा खाते में आता है।
सोने पर कितना loan मिलता है
Loan सोने की पूरी कीमत का नहीं, उसके एक हिस्से का मिलता है, जिसे LTV यानी loan-to-value कहते हैं। कीमत आम तौर पर हाल के दिनों के औसत भाव और शुद्धता के हिसाब से लगाई जाती है।
1 अप्रैल 2026 से RBI ने इसकी सीमा loan की रकम के हिसाब से तय कर दी है, जो bank और NBFC दोनों पर लागू है: ₹2.5 लाख तक के loan पर सोने की कीमत का 85% तक, ₹2.5 लाख से ₹5 लाख तक 80% तक, और ₹5 लाख से ऊपर 75% तक। यानी ₹1 लाख के सोने पर अब ₹85,000 तक का loan मिल सकता है, जो पहले ₹75,000 था। Bullet repayment वाले loan में यह सीमा मूलधन के साथ maturity तक का ब्याज जोड़कर गिनी जाती है, इसलिए उसमें रकम कम मिलती है।
अपने सोने पर कितना loan मिलेगा — आज के भाव से हिसाब लगाइएचुकाने के तीन तरीके, और कौन-सा किसके लिए

- EMI — हर महीने मूलधन और ब्याज दोनों। जिनकी आमदनी नियमित है, उनके लिए सबसे सुरक्षित, क्योंकि आख़िर में कोई बड़ा बोझ नहीं बचता।
- हर महीने सिर्फ़ ब्याज, आख़िर में मूलधन — महीने का बोझ हल्का, पर अवधि ख़त्म होने पर पूरा मूलधन एक साथ चाहिए। जिन्हें कुछ महीनों में बड़ी रकम आने की पक्की उम्मीद हो, उनके लिए।
- Bullet — पूरा मूलधन और ब्याज अवधि के अंत में एक साथ, अवधि अधिकतम 12 महीने। व्यापारियों या किसानों के लिए ठीक जिनकी आमदनी फ़सल या सीज़न पर आती है। सबसे जोखिम वाला, क्योंकि ब्याज जुड़ता रहता है।
वो खर्च जो ब्याज दर में नहीं दिखते
- Processing fee और सोने की जाँच का valuation charge, दोनों पर GST।
- समय पर न चुकाने पर penal charges, और कई lender अवधि खत्म होने पर renewal fee भी लेते हैं।
- कम शुरुआती दर वाली 'scheme' में अक्सर देर होने पर दर कई गुना बढ़ जाती है। कम दर देखकर नहीं, पूरी शर्तें पढ़कर चुनिए।
- सोने का भाव गिरने पर lender अतिरिक्त सोना या कुछ रकम जमा करने को कह सकता है, क्योंकि LTV अब loan के दौरान भी देखा जाता है।
अगर चुका न सकें — auction के नियम
Auction lender की मर्ज़ी से अचानक नहीं हो सकता। RBI के नियमों के तहत पहले आपको notice देना ज़रूरी है। Auction में सोने का reserve price उसकी मौजूदा कीमत के 90% से कम नहीं रखा जा सकता, और दो बार auction विफल होने पर ही यह घटकर 85% हो सकता है। Auction में बकाया से ज़्यादा रकम मिले, तो बाक़ी पैसा 7 working days में आपको लौटाना होता है।
पूरा loan चुकाने के बाद lender को 7 working days के अंदर सोना लौटाना होता है। देर होने पर उसे हर दिन की देरी के लिए ₹5,000 हर्जाना देना पड़ता है। सोना वापस लेते समय वज़न और सील वहीं जाँच लीजिए।
Gold loan कब लें, कब नहीं
इलाज, कारोबार की अचानक ज़रूरत, या महँगे credit card बकाया को चुकाने जैसे कामों के लिए gold loan personal loan से सस्ता और तेज़ रास्ता है। शर्त यह है कि चुकाने का ज़रिया पक्का हो।
शौक़ के खर्च, शेयर बाज़ार में लगाने, या किसी दूसरे कर्ज़ को घुमाने के लिए gold loan लेना परिवार के सोने को दाँव पर लगाना है। सोना एक बार auction में गया, तो वह सिर्फ़ पैसा नहीं जाता।
Frequently asked questions
- 1 लाख के सोने पर कितना gold loan मिलता है?
- 1 अप्रैल 2026 से RBI के नियमों के तहत ₹2.5 लाख तक के loan पर सोने की कीमत का 85% तक, यानी ₹1 लाख के सोने पर ₹85,000 तक। ₹2.5 से ₹5 लाख के loan पर 80% और ₹5 लाख से ऊपर 75%। Bullet repayment में ब्याज भी जोड़ा जाता है, इसलिए रकम कम मिलती है।
- Gold loan के लिए कौन-से documents चाहिए?
- आम तौर पर सिर्फ़ KYC — Aadhaar, PAN और फ़ोटो। Gold loan सोने की गारंटी पर मिलता है, इसलिए salary slip या income proof की ज़रूरत आम तौर पर नहीं होती, ख़ासकर छोटे loan में।
- Gold loan bank से लें या NBFC से?
- Bank की दर आम तौर पर कम होती है, NBFC तेज़ होती हैं और ज़्यादा जगह मौजूद हैं। RBI का LTV नियम अब दोनों पर एक जैसा लागू है, इसलिए फ़ैसला ब्याज दर, processing fee, penal charges और renewal की शर्तों की तुलना करके कीजिए।
- Gold loan न चुकाने पर क्या होता है?
- Lender पहले notice देता है, फिर सोना auction कर सकता है। Reserve price सोने की मौजूदा कीमत के 90% से कम नहीं रखा जा सकता, और auction में बकाया से ज़्यादा मिली रकम 7 working days में लौटानी होती है।
- Loan चुकाने के बाद सोना कितने दिन में वापस मिलता है?
- RBI के नियमों के तहत पूरा loan चुकाने के 7 working days के अंदर। देर होने पर lender को हर दिन ₹5,000 हर्जाना देना होता है। सोना लेते समय वज़न और सील वहीं जाँच लीजिए।