भारत में 18 लाख से ज़्यादा e-rickshaw registered हैं और ये रोज़ करीब 6 करोड़ लोगों को ले जाते हैं (WRI India, 2025)। ज़्यादातर चलाने वाले या तो रोज़ के किराए पर गाड़ी लेते हैं या loan पर खरीदते हैं। दोनों में कमाई का हिसाब अलग है।
जो नंबर सबसे ज़्यादा सुनाई देता है, रोज़ ₹800 से ₹1,500, वह दिन की वसूली है, बचत नहीं। उसमें से एक खर्च ऐसा है जो रोज़ जेब से नहीं जाता, इसलिए दिखता भी नहीं: battery।
Battery: वह खर्च जो दिखता नहीं
- करीब 90% e-rickshaw lead-acid battery पर चलते हैं (WRI India)। आम set चार 12V batteries का होता है, यानी 48V, 100 से 150Ah।
- Lead-acid का दाम करीब ₹6,000 प्रति kWh है (WRI India)। 48V, 120Ah का set करीब 5.8 kWh का है, यानी लगभग ₹35,000।
- रोज़ पूरा discharge होने पर ये batteries जल्दी जवाब देती हैं: Delhi के चालकों के मुताबिक 6 से 8 महीने (The Wire), WRI के मुताबिक हर साल बदलनी पड़ती हैं।
- Lithium-ion करीब ₹16,600 प्रति kWh का है, यानी lead-acid से लगभग तीन गुना महँगा, पर कहीं ज़्यादा charge cycles चलता है।
मतलब: अगर ₹35,000 का set 10 महीने (करीब 260 कामकाजी दिन) चलता है, तो हर दिन करीब ₹135 battery में जा रहे हैं। यह पैसा उस दिन नहीं कटता, पर 10 महीने बाद एक साथ चाहिए।
रोज़ के बाकी खर्च
- Charging: घर पर पूरा charge करीब ₹60, public station पर करीब ₹100 (Delhi, The Wire)।
- Battery swap: ₹150 पहली battery के, उसके बाद ₹70 (Delhi)। Swap करने वाले को battery नहीं खरीदनी पड़ती, पर रोज़ का खर्च बढ़ता है।
- किराए की गाड़ी: Ghaziabad में ₹300 रोज़ (The Wire)।
- Tyres, brake, wiring और motor की मरम्मत: हमने उदाहरण में ₹50 रोज़ माना है।

एक दिन का हिसाब: तीन हालात
मान लीजिए दिन की वसूली ₹1,400 है: यह The Wire में छपे Ghaziabad के एक चालक के आँकड़ों से निकलता है, जो सुबह 8 से रात 10 बजे तक चलाकर किराया और swap देने के बाद ₹800 से ₹1,000 बचाते हैं। महीने में 26 दिन।
- किराए की गाड़ी: ₹1,400 में से ₹300 किराया और ₹210 battery swap। बचे करीब ₹890 रोज़, यानी महीने के करीब ₹23,100।
- Loan पर अपनी गाड़ी: ₹1.75 लाख की गाड़ी, ₹45,000 down payment, बाकी ₹1.3 लाख पर 18% ब्याज, 2 साल। EMI करीब ₹6,490 महीना, यानी रोज़ ₹250। घर पर charging ₹60, battery का हिस्सा ₹135, मरम्मत ₹50। बचे करीब ₹905 रोज़, महीने के करीब ₹23,500।
- बिना loan अपनी गाड़ी: EMI नहीं, बाकी वही खर्च। बचे करीब ₹1,155 रोज़, महीने के करीब ₹30,000।
सबसे चौंकाने वाली बात: loan के दो साल तक अपनी गाड़ी वाला लगभग उतना ही बचाता है जितना किराए वाला। फ़र्क़ loan खत्म होने के बाद आता है। और अगर battery का पैसा अलग से नहीं बचाया, तो 10 महीने बाद ₹35,000 एक साथ चाहिए, जो अक्सर फिर से उधार बनता है।
Lithium battery फ़ायदे की है?
48V, 105Ah का lithium set करीब 5 kWh का है, WRI के दाम पर लगभग ₹84,000। अगर यह 3 साल चले तो रोज़ का हिस्सा करीब ₹90 बनता है, lead-acid के ₹135 से कम। पर शर्त यही है कि battery सच में 3 साल चले: warranty की शर्तें और cycles लिखित में लें। ऊपर से पैसा एक साथ चाहिए, इसलिए loan पर lithium लेने से पहले उसका ब्याज भी जोड़ें।
Auto से तुलना
The Wire के उसी उदाहरण में चालक पहले CNG auto चलाते थे: ₹500 किराया और ₹200 gas के बाद रोज़ करीब ₹1,000 से ₹1,200 बचते थे। E-rickshaw में किराया कम है, पर सवारी का किराया भी कम है, इसलिए दिन लंबा करना पड़ता है।
खरीदने से पहले ये पाँच बातें
- Loan का ब्याज: e-rickshaw loan अक्सर 17% से 20% पर मिलते हैं (The Wire)। EMI को ऊपर वाले हिसाब में डालकर देखें।
- Battery का पैसा हर दिन अलग रखें: रोज़ ₹135 एक अलग खाते या RD में डालें, ताकि बदलने का समय उधार न बने।
- Registration और licence: e-rickshaw का RTO में registration और चलाने वाले का licence ज़रूरी है। बिना इनके चालान और ज़ब्ती दोनों का खतरा है।
- Subsidy: कुछ राज्य खरीद पर subsidy देते हैं (Delhi में 2023 में ₹30,000)। अपने राज्य की मौजूदा योजना dealer से नहीं, transport विभाग से पूछें।
- पुरानी गाड़ी सस्ती है (₹30,000 से ₹40,000), पर उसकी battery अक्सर आखिरी महीनों में होती है। Battery की उम्र अलग से जाँचें।
टैक्स
यह आपकी आय है। New regime में साल की कुल taxable आय ₹12 लाख तक हो तो rebate के बाद टैक्स नहीं बनता, इसलिए ज़्यादातर चालकों पर income tax नहीं आता। फिर भी कमाई और खर्च का मोटा हिसाब रखें: loan लेते समय यही काम आता है।
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- E-rickshaw से एक दिन में कितनी कमाई होती है?
- दिन की वसूली आम तौर पर ₹800 से ₹1,500 बताई जाती है। उदाहरण में ₹1,400 की वसूली से किराए की गाड़ी पर करीब ₹890 और बिना loan अपनी गाड़ी पर करीब ₹1,155 बचते हैं।
- E-rickshaw की battery कितने दिन चलती है?
- Lead-acid battery रोज़ इस्तेमाल में आम तौर पर 6 महीने से 1 साल चलती है। Lithium-ion ज़्यादा cycles चलती है पर करीब तीन गुना महँगी है।
- E-rickshaw की battery कितने की आती है?
- WRI India के मुताबिक lead-acid करीब ₹6,000 प्रति kWh और lithium-ion करीब ₹16,600 प्रति kWh। 48V, 120Ah lead-acid set लगभग ₹35,000 का बैठता है।
- E-rickshaw किराए पर लें या खरीदें?
- Loan पर खरीदने वाला loan के दौरान लगभग किराए वाले जितना ही बचाता है। फ़ायदा loan खत्म होने के बाद आता है, बशर्ते battery का पैसा अलग बचाया हो।
- E-rickshaw charge करने में कितना खर्च आता है?
- Delhi में घर पर पूरा charge करीब ₹60 और public station पर करीब ₹100 पड़ता है।