अगर आप नौकरी करते हैं और FY 2025-26 (assessment year 2026-27) का ITR 31 जुलाई 2026 तक नहीं भर पाए, तो return अब भी भरा जा सकता है। Income-tax Act, 1961 का section 139(4) देर से return भरने की इजाज़त देता है, जिसे belated return कहते हैं। देरी पर तीन चीज़ें लगती हैं: एक तय late fee, बकाया tax पर हर महीने का ब्याज, और कुछ फ़ायदों का छूटना जो सिर्फ़ समय पर return भरने वालों को मिलते हैं। यह लेख बताता है कि आख़िरी तारीख़ क्या है, कितना पैसा लगता है, क्या छूट जाता है, और e-filing portal पर belated return step by step कैसे भरा जाता है।
आपकी due date क्या थी, और क्या वह बढ़ी?
जिनकी कमाई salary, ब्याज या किराए से है और जिनका कोई business नहीं है, उनकी due date 31 जुलाई 2026 थी। बिना audit वाले business या profession वालों की due date 31 अगस्त 2026 थी। CBDT ने इस साल Circular 07/2026 (28 सितंबर 2026) से तारीख़ बढ़ाई ज़रूर, पर सिर्फ़ उनके लिए जिनके accounts का audit ज़रूरी है, जैसे companies, audit वाले कारोबारी और audit वाली firms के partners। उनकी तारीख़ 31 अक्टूबर से बढ़कर 21 नवंबर 2026 हो गई। Salary वालों की 31 जुलाई की तारीख़ नहीं बढ़ी।
एक बात और: नया Income-tax Act, 2025 1 अप्रैल 2026 से लागू है, लेकिन AY 2026-27 का return पुराने Act (1961) के तहत और पुराने ITR forms में ही भरा जाएगा। इसलिए इस लेख की सारी धाराएँ 1961 वाले Act की हैं। नए Act में यही विषय section 263(4) (belated return; पुराने Act में 139(4)), 263(5) (revised return; पुराने Act में 139(5)), 263(6) (updated return; पुराने Act में 139(8A)), 428 (late fee; पुराने Act में 234F) और 267 (updated return पर additional tax; पुराने Act में 140B) में हैं। ये धाराएँ Tax Year 2026-27 से लागू होंगी।
Belated return: आख़िरी तारीख़, fee और ब्याज एक नज़र में
- आख़िरी तारीख़: section 139(4) के तहत AY 2026-27 का belated return 31 दिसंबर 2026 तक भरा जा सकता है, या assessment पूरा होने से पहले, इनमें जो पहले हो।
- Late fee (section 234F): ₹5,000। अगर आपकी total income ₹5 लाख से ज़्यादा नहीं है, तो fee ₹1,000 से ज़्यादा नहीं होगी।
- ब्याज (section 234A): TDS और advance tax घटाने के बाद जो tax बचता है, उस पर हर महीने या महीने के हिस्से के लिए 1% simple ब्याज लगता है, 1 अगस्त 2026 से return भरने की तारीख़ तक।
Late fee: section 234F
Fee की रक़म आपकी total income से तय होती है, बकाया tax से नहीं: ₹5 लाख तक ₹1,000, उससे ऊपर ₹5,000। 31 जुलाई के बाद return अगस्त में भरा जाए या दिसंबर में, fee उतनी ही रहती है।
ब्याज: section 234A, उदाहरण के साथ
Section 234A का ब्याज due date के अगले दिन से, यानी 1 अगस्त 2026 से, उस दिन तक लगता है जिस दिन return भरा जाता है। महीने का कोई भी हिस्सा पूरा महीना गिना जाता है। ब्याज पूरे tax पर नहीं, बल्कि advance tax, TDS/TCS और section 89 जैसी relief घटाने के बाद बचे tax पर लगता है। अगर पूरा tax TDS से कट चुका है, तो ब्याज नहीं लगेगा, सिर्फ़ fee लगेगी।
मान लीजिए आपकी total income ₹15 लाख है और FD के ब्याज या दूसरी कमाई की वजह से TDS के बाद भी ₹20,000 tax बकाया है। देर से भरने पर हिसाब यह बनेगा:
यह एक उदाहरण है। Income ₹5 लाख से ऊपर है, इसलिए fee ₹5,000 है। Portal पर 'Total Tax Liability' में आपके tax का हिसाब दिखता है।
10 नवंबर 2026
- 1 अगस्त से गिने गए महीने
- 4 (अगस्त, सितंबर, अक्टूबर, नवंबर का हिस्सा)
- 234A ब्याज (₹20,000 × 1% × महीने)
- ₹800
- Fee (234F)
- ₹5,000
- Tax समेत कुल
- 20,000 + 800 + 5,000 = ₹25,800
20 दिसंबर 2026
- 1 अगस्त से गिने गए महीने
- 5 (दिसंबर का हिस्सा जोड़कर)
- 234A ब्याज (₹20,000 × 1% × महीने)
- ₹1,000
- Fee (234F)
- ₹5,000
- Tax समेत कुल
- 20,000 + 1,000 + 5,000 = ₹26,000
| Return भरने की तारीख़ | 1 अगस्त से गिने गए महीने | 234A ब्याज (₹20,000 × 1% × महीने) | Fee (234F) | Tax समेत कुल |
|---|---|---|---|---|
| 10 नवंबर 2026 | 4 (अगस्त, सितंबर, अक्टूबर, नवंबर का हिस्सा) | ₹800 | ₹5,000 | 20,000 + 800 + 5,000 = ₹25,800 |
| 20 दिसंबर 2026 | 5 (दिसंबर का हिस्सा जोड़कर) | ₹1,000 | ₹5,000 | 20,000 + 1,000 + 5,000 = ₹26,000 |
देर से भरने पर क्या छूट जाता है
- कुछ losses carry forward नहीं होंगे: business loss, speculation loss, section 35AD वाले business का loss और capital gains का loss, ये losses तभी अगले सालों में carry forward हो पाते हैं जब return section 139(1) की due date तक भरा गया हो। Salary वालों के लिए इसका मतलब: अगर FY 2025-26 में shares या mutual funds में loss हुआ था, तो belated return में वह आगे नहीं जाएगा। House property का loss इस नियम से बाहर है; वह देर से भरने पर भी 8 साल तक आगे जाता है, पर सिर्फ़ house property की कमाई से ही कटता है।
- Old regime का विकल्प: section 115BAC(6)(ii) के मुताबिक़ business income न रखने वाले व्यक्ति new regime से बाहर निकलने का विकल्प 'section 139(1) के तहत भरे जाने वाले return के साथ' देते हैं। Belated return section 139(4) में आता है। Act की इस भाषा से यह निकलता है कि देर से भरे return में tax new regime से ही बनेगा; यह धारा की भाषा की समझ है, किसी official FAQ में यह बात सीधे नहीं लिखी है। New regime में HRA, Chapter VI-A के ज़्यादातर deductions (जैसे 80C) और ख़ुद रहने वाले घर के home loan का ब्याज नहीं घटता।
- Refund पर कम ब्याज: TDS से बने refund पर समय पर भरे return में 1 अप्रैल 2026 से ब्याज मिलता है, पर belated return में सिर्फ़ return भरने की तारीख़ से। दर 0.5% हर महीने या महीने के हिस्से के लिए है, और refund तय tax के 10% से कम हो तो ब्याज नहीं मिलता।
Refund के ब्याज में कितना फ़र्क़ पड़ता है, एक उदाहरण से देखिए (मान लिया है कि refund तय tax के 10% से ज़्यादा है; असली रक़म processing की तारीख़ पर निर्भर है): ₹30,000 का refund फ़रवरी 2027 में मिलता है। समय पर भरने वाले को अप्रैल 2026 से फ़रवरी 2027 तक 11 महीने का ब्याज मिलेगा: 30,000 × 0.5% × 11 = ₹1,650। 20 दिसंबर 2026 को belated return भरने वाले को दिसंबर से फ़रवरी तक सिर्फ़ 3 महीने का ब्याज मिलेगा: 30,000 × 0.5% × 3 = ₹450।
Old और new regime में tax कितना बनता है: Income Tax CalculatorReturn में ग़लती रह गई? Revised return
Belated return भरने के बाद कोई income छूट गई या कोई आँकड़ा ग़लत भर गया, तो section 139(5) के तहत revised return भरा जा सकता है। Finance Act, 2026 ने इसकी समय-सीमा बढ़ा दी है: समय पर भरा return हो या belated, AY 2026-27 का revised return 31 मार्च 2027 तक, या assessment पूरा होने से पहले, जो पहले हो, भरा जा सकता है। साथ ही Finance Act, 2026 ने section 234-I के तहत revised return पर एक नई fee जोड़ी है: ₹1,000 (total income ₹5 लाख तक) या ₹5,000 (बाक़ी मामलों में)। Finance Act, 2026 के section 234-I की भाषा में यह fee तब लगती है जब revised return संबंधित assessment year ख़त्म होने के नौ महीने बाद, पर बारह महीने से पहले भरा जाए। Income Tax Department का 'Return of income' पेज इसे वित्त वर्ष से गिनता है, पर क़ानून assessment year कहता है। AY 2026-27 का revised return 31 मार्च 2027 तक ही भरा जा सकता है, इसलिए इस साल यह fee शायद लगे ही नहीं; फिर भी जितनी जल्दी हो, revise कर दें।
Source: e-Filing portal, Income Tax Returns FAQs, Q6: AY 2026-27 का revised return 31 मार्च 2027 से पहले
31 दिसंबर निकल गई तो: updated return (ITR-U)
31 दिसंबर 2026 के बाद AY 2026-27 का belated return नहीं भरा जा सकता। उसके बाद क़ानून में रास्ता updated return (ITR-U, section 139(8A)) है, जो संबंधित assessment year ख़त्म होने के 48 महीने के अंदर भरा जा सकता है। AY 2026-27, 31 मार्च 2027 को ख़त्म होता है, इसलिए ITR-U 31 मार्च 2031 तक भरा जा सकता है। लेकिन हर साल की देरी के साथ बकाया tax और ब्याज के ऊपर additional tax बढ़ता जाता है:
Section 148 के notice के जवाब में भरे ITR-U पर ऊपर से 10% और जुड़ता है। Additional tax के लिए tax में surcharge और cess भी गिने जाते हैं।
AY ख़त्म होने के 12 महीने के अंदर (31 मार्च 2028 तक)
- Additional tax (tax + ब्याज का)
- 25%
12 से 24 महीने (31 मार्च 2029 तक)
- Additional tax (tax + ब्याज का)
- 50%
24 से 36 महीने (31 मार्च 2030 तक)
- Additional tax (tax + ब्याज का)
- 60%
36 से 48 महीने (31 मार्च 2031 तक)
- Additional tax (tax + ब्याज का)
- 70%
| ITR-U कब भरा | Additional tax (tax + ब्याज का) |
|---|---|
| AY ख़त्म होने के 12 महीने के अंदर (31 मार्च 2028 तक) | 25% |
| 12 से 24 महीने (31 मार्च 2029 तक) | 50% |
| 24 से 36 महीने (31 मार्च 2030 तक) | 60% |
| 36 से 48 महीने (31 मार्च 2031 तक) | 70% |
ऊपर वाले उदाहरण का वही व्यक्ति 31 दिसंबर भी चूक जाए और 10 फ़रवरी 2028 को ITR-U भरे, तो अनुमानित हिसाब यह बनेगा: 234A ब्याज अगस्त 2026 से फ़रवरी 2028 तक 19 महीने का, 20,000 × 1% × 19 = ₹3,800; additional tax (20,000 + 3,800) × 25% = ₹5,950; fee ₹5,000। कुल 20,000 + 3,800 + 5,950 + 5,000 = ₹34,750, जबकि 20 दिसंबर 2026 तक belated return भरने पर ₹26,000 लगते। यानी ₹8,750 ज़्यादा। ITR-U में section 234B का ब्याज भी लग सकता है, जो इस हिसाब में नहीं जोड़ा गया।
ITR-U की शर्तें: यह return of loss नहीं हो सकता, इससे tax घट नहीं सकता, और इससे refund न बन सकता है न बढ़ सकता है। किसी साल का ITR-U सिर्फ़ एक बार भरा जाता है। Assessment चल रहा हो या पूरा हो चुका हो तो ITR-U नहीं भरा जा सकता; अपवाद यह है कि section 148 के notice में दी गई अवधि के अंदर उसके जवाब में ITR-U भरा जा सकता है। इसलिए TDS से बना refund belated return में माँगा जा सकता है, ITR-U में नहीं। देर से भरे refund वाले return के लिए CBDT Circular 11/2024 देरी माफ़ (condone) करने के आवेदन का तरीक़ा बताता है। उसके मुताबिक़ यह दिखाना होता है कि समय पर return न भरने की ठोस वजह थी और मामला वाक़ई परेशानी का है। ऐसा आवेदन assessment year ख़त्म होने के पाँच साल बाद नहीं लिया जाता।
e-filing portal पर belated ITR step by step
- incometax.gov.in पर login के बाद Dashboard पर e-File > Income Tax Returns > File Income Tax Return पर जाना होता है।
- Assessment Year में 2026-27 और Mode of filing में Online चुनकर Continue दबाया जाता है। फिर अपना Status (जैसे Individual) चुनना होता है।
- इसके बाद ITR form चुनना होता है; ज़्यादातर salary वालों के लिए यह ITR-1 होता है। ITR form checker सवालों के जवाब से सही form बताता है।
- Portal शुरू में ज़रूरी documents की list दिखाता है, फिर return भरने की वजह पूछता है।
- पहले से भरा (pre-filled) data हर हिस्से में दिखता है; उसे जाँचकर, जो छूटा है वह जोड़कर, हर section के आख़िर में Confirm दबाया जाता है।
- Total Tax Liability में tax का हिसाब दिखता है। Tax बकाया हो तो Pay Now से e-Pay Tax पर रक़म जमा होती है, फिर Back to Return Filing से return पर वापस आते हैं।
- फिर Preview Return खोलकर Proceed to Validation और Proceed to Verification दबाया जाता है। Validation में कोई error आए तो उसे ठीक करके दोबारा validate करना होता है।
- आख़िर में verification: e-Verify Now या e-Verify Later। Upload के 30 दिन के अंदर verify हो जाए तो upload की तारीख़ ही filing की तारीख़ मानी जाती है; 30 दिन के बाद verify करने पर verification की तारीख़ filing की तारीख़ मानी जाती है।
Return भरने और verify होने के बाद refund कब आता है और अटक जाए तो क्या होता है, यह नीचे वाले लेख में है। साल की बाक़ी tax तारीख़ें भी एक list में हैं।
ITR refund अटक गया? वजहें और क्या करें (AY 2026-27)नवंबर–दिसंबर 2026 की tax तारीख़ें: हर deadline एक list मेंअगर आप चाहते हैं कि CA आपका return भरे (capital gains, विदेशी assets या notice हो तो काम का), तो TaxBuddy जैसी paid services assisted filing करती हैं; e-Filing portal वाला तरीका मुफ़्त है। (affiliate link: आप sign up करें तो PaisaTools को कुछ मिल सकता है; इससे हमारी बात नहीं बदलती)
Frequently asked questions
- AY 2026-27 का belated ITR कब तक भर सकते हैं?
- Section 139(4) के तहत 31 दिसंबर 2026 तक, या assessment पूरा होने से पहले, जो पहले हो। Salary वालों की तय due date 31 जुलाई 2026 थी और वह इस साल नहीं बढ़ी; CBDT Circular 07/2026 ने सिर्फ़ audit वाले मामलों की तारीख़ 21 नवंबर 2026 तक बढ़ाई।
- Belated ITR पर late fee कितनी है?
- Section 234F के तहत ₹5,000। Total income ₹5 लाख से ज़्यादा न हो तो ₹1,000 से ज़्यादा नहीं। 31 जुलाई के बाद किसी भी दिन भरें, fee उतनी ही रहती है; बकाया tax पर 234A का ब्याज हर महीने 1% के हिसाब से अलग लगता है।
- क्या belated return में old tax regime चुन सकते हैं?
- Act की भाषा के हिसाब से नहीं। Section 115BAC(6)(ii) के मुताबिक़ business income न रखने वाले व्यक्ति new regime से बाहर निकलने का विकल्प section 139(1) वाले return के साथ देते हैं, और belated return section 139(4) में आता है। यह धारा की भाषा की समझ है; किसी official FAQ में यह बात सीधे नहीं लिखी है।
- Belated return में ग़लती हो गई तो?
- उसे section 139(5) के तहत revise किया जा सकता है, AY 2026-27 के लिए 31 मार्च 2027 तक या assessment पूरा होने से पहले। Section 234-I की fee (₹1,000 अगर income ₹5 लाख तक, वरना ₹5,000) Finance Act, 2026 के मुताबिक़ assessment year ख़त्म होने के नौ से बारह महीने के बीच revise करने पर लगती है। AY 2026-27 का revised return 31 मार्च 2027 तक ही भरा जा सकता है, इसलिए इस साल यह fee शायद नहीं लगेगी।
- 31 दिसंबर के बाद refund के लिए ITR भर सकते हैं?
- Updated return (ITR-U) से नहीं, क्योंकि ITR-U से refund न बन सकता है न बढ़ सकता है। देर से भरे refund वाले return के लिए CBDT Circular 11/2024 देरी माफ़ (condone) करने के आवेदन का तरीक़ा बताता है, जिसमें समय पर न भरने की ठोस वजह दिखानी होती है।