चारों labour codes 21 नवंबर 2025 से लागू हैं। इनमें 'wages' की एक नई definition है। इसमें basic pay, DA और retaining allowance आते हैं। अगर बाकी allowances कुल remuneration के आधे से ज़्यादा हों, तो आधे से ऊपर वाला हिस्सा भी wages में जुड़ जाता है। Gratuity इसी wages पर बनती है, और PF भी इसी पर बनेगा, ऐसा हमने माना है (नीचे PF वाला नोट देखिए)। इसलिए सवाल उठता है कि हाथ की salary कितनी घटेगी। जवाब आपकी company के दो फ़ैसलों पर टिका है: CTC वही रहती है या नहीं, और PF actual wage पर कटता है या ₹25,000 की ceiling तक (ceiling तक सीमित रखना हमने एक संभावना मानकर लिया है)। नीचे पहले नियम हैं, फिर एक साफ़ उदाहरण, फिर 3, 6 और 13 लाख CTC की तालिका, gratuity और tax।
Labour codes कब से लागू हैं
PIB के 21 नवंबर 2025 के release के मुताबिक Code on Wages 2019, Industrial Relations Code 2020, Code on Social Security 2020 और OSH Code 2020 उसी दिन, 21 नवंबर 2025 से लागू किए गए। ये चारों codes 29 पुराने labour कानूनों की जगह लेते हैं। release के मुताबिक transition के दौरान पुराने Acts के rules, notifications और schemes लागू रहते हैं। मंत्रालय के FAQs के मुताबिक यह नए rules की final notification तक है। Fixed-term employees को अब पाँच की जगह एक साल बाद gratuity का हक़ है।
अपने नंबर से देखिएPF Interest CheckerCheck the interest EPFO credited for a year against what the rule actually produces'Wages' की नई definition और 50% rule
Code on Wages की धारा 2(y) के मुताबिक wages में basic pay, dearness allowance और retaining allowance (अगर हो) शामिल हैं। इसमें ये चीज़ें नहीं गिनी जातीं: कानूनी bonus, HRA, conveyance allowance, employer का PF या pension योगदान, overtime allowance, commission, gratuity, retrenchment compensation और कुछ और। Proviso यह है कि अगर (a) से (i) तक के ये payments 'all remuneration' के आधे से ज़्यादा हों, तो आधे से ऊपर वाली रकम wages में जोड़ दी जाती है। Code on Social Security की धारा 2(88) में लगभग यही definition है।
Source: Code on Wages, 2019 (Gazette, 8 अगस्त 2019), धारा 2(y): 'wages' की definition और 50% वाला proviso
Source: Code on Social Security, 2020 (Gazette), धारा 2(88) 'wages' और धारा 16 (PF योगदान)
Labour Ministry के FAQs के मुताबिक यह एक ही definition चारों codes पर लागू होती है। Performance-based incentive, ESOP, variable pay और reimbursement वाले payments wages में नहीं गिने जाते। Leave encashment को allowance नहीं माना जाता। FAQs के मुताबिक wages की यह definition 21 नवंबर 2025 से लागू है।
Source: Ministry of Labour & Employment, FAQs on Labour Codes (प्रश्न 2 से 7, 17)
16 मार्च 2026 के Additional FAQs के मुताबिक overtime allowance भी उन payments में गिना जाता है जिन पर 50% का test लगता है। उसी दस्तावेज़ के मुताबिक employer का PF और pension योगदान और कानूनी bonus भी 'remuneration' में गिने जाते हैं, जबकि gratuity और ESI नहीं। इस post के हिसाब को सीधा रखने के लिए हमने 50% का test सिर्फ़ महीने के gross (basic और allowances) पर लगाया है, यानी wages = gross का 50%, सरल मामला। अगर employer PF भी remuneration में गिना जाए, तो wages कम से कम CTC का आधा होनी चाहिए। जैसे 6 लाख CTC (₹50,000 महीना) पर वह ₹25,000 होगा, जबकि हमारे हिसाब में ₹23,585 है। यानी असल में wages हमारे आँकड़ों से ज़्यादा हो सकती हैं, और तब in-hand का फ़र्क भी बड़ा होगा।
Maharashtra Labour Department की FAQs page पर Code on Wages के FAQ (24.12.2025) में लिखा है कि तय सीमा से ऊपर वाले allowances wages में जोड़े जाते हैं, इसलिए PF, gratuity और bonus का base बढ़ता है।
PF कितना कटता है, और ₹25,000 की ceiling
PIB के सितंबर 2026 के release के मुताबिक employee अपनी basic wages का 12% PF में देता है, और employer भी उतना ही 12% देता है। Employer के 12% में से 8.33% Employees' Pension Scheme (EPS) में जाता है और 3.67% employee के PF account में। Code on Social Security की धारा 16 में मूल दर 10% लिखी है, और जिन establishments को सरकार notify करे वहाँ 12%। नीचे के हिसाब में हमने 12% लिया है।
एक ज़रूरी नोट: यही PIB release अब भी 'basic wages' का 12% लिखता है, और transition में पुरानी schemes लागू रहती हैं। इसलिए sources से यह पक्का नहीं होता कि EPF की कटौती नई wages पर अभी से शुरू हो गई है। हमारा हिसाब मानकर चलता है कि हाँ, यानी PF नई wages पर कटता है।
EPFO की wage ceiling ₹15,000 से बढ़कर ₹25,000 महीना हो गई है। यह बढ़ोतरी 17 सितंबर 2026 की Gazette Notification S.O. 5109(E) से लागू हुई है। PIB के मुताबिक जिन employees का PF अब तक ₹15,000 की ceiling तक सीमित था, उनका योगदान अब ₹25,000 या असल wages, जो भी कम हो, उस पर बनेगा। PIB के मुताबिक यह लागू statutory provisions और scheme rules के अधीन है। EPS में employer का अधिकतम योगदान ₹1,250 से बढ़कर ₹2,083 महीना हो गया है।
Source: PIB Kolkata, 23 सितंबर 2026: EPFO Raises Wage Ceiling (S.O. 5109(E), EPS ₹1,250 से ₹2,083)
इसलिए in-hand तभी घटता है जब PF नई, बड़ी wages पर पूरा कटे। अगर आपकी wage ₹25,000 से कम है, तो PF अपने-आप असल wage पर ही कटेगा, और in-hand घटेगा। एक scenario यह है कि wage ₹25,000 से ऊपर है और company PF को ceiling तक सीमित रखती है। तब PF ₹25,000 × 12% = ₹3,000 पर रुकता है और in-hand नहीं बदलता। यह company की policy का scenario है। हमारे पढ़े sources में ऐसा सीमित रखने का कोई नियम नहीं मिला। एक और शर्त है: in-hand तभी घटता है जब CTC वही रहे और बढ़ा हुआ employer PF उसी CTC में से निकले।
हिसाब की मान्यताएँ
- CTC = महीने का gross (basic और allowances) + employer का PF। CTC में gratuity, bonus या insurance नहीं जोड़ा गया।
- 'पहले' का structure: basic gross का 40%। यह हमारी मान्यता है, किसी सरकारी दस्तावेज़ की नहीं। आपका basic इससे कम है तो फ़र्क ज़्यादा होगा।
- 'बाद' का structure: wages gross का 50%, यानी 50% rule का सरल मामला। Employer PF को remuneration में गिनें तो असल wages इससे ज़्यादा बनेंगी (ऊपर देखिए)।
- Private नौकरी मानी है, इसलिए DA शून्य। HRA और special allowance को एक साथ 'बाकी allowances' माना है।
- Professional tax राज्य के हिसाब से अलग है, इसलिए नहीं घटाया।
- Tax: new regime, जो default है।
ESI पर एक नोट: Additional FAQs के मुताबिक 21 नवंबर 2025 से ESI के लिए भी नई wages definition लागू है, और ESI coverage के लिए ₹21,000 महीना की wage सीमा है। 3 लाख CTC वाले उदाहरण में Code के हिसाब की wages (₹9,542 → ₹11,792) इस सीमा से नीचे हैं, पर gross (₹23,855 → ₹23,585) ₹21,000 से ऊपर है। ESI में कौन-सा आँकड़ा गिना जाएगा, यह हमने नहीं जाँचा, इसलिए वहाँ ESI कट सकती है, पक्का नहीं। ESI की contribution दर हमारे पढ़े दस्तावेज़ों में नहीं है, इसलिए in-hand के हिसाब में ESI शामिल नहीं है।
पूरा हिसाब: 6 लाख CTC
Gross निकालने का तरीका: CTC = gross + employer PF, और employer PF = basic × 12%। अगर basic gross का 40% है, तो CTC = gross × (1 + 12% × 40%) = gross × 1.048। अगर wages gross का 50% है, तो CTC = gross × 1.06।
- महीने की CTC: ₹6,00,000 ÷ 12 = ₹50,000
- पहले का gross: ₹50,000 ÷ 1.048 = ₹47,710
- पहले का basic: ₹47,710 × 40% = ₹19,084। PF (आपका भी, employer का भी): ₹19,084 × 12% = ₹2,290
- पहले का in-hand: ₹47,710 − ₹2,290 = ₹45,420
- बाद का gross: ₹50,000 ÷ 1.06 = ₹47,170
- नया basic (wages): ₹47,170 × 50% = ₹23,585। यह ₹25,000 की ceiling से नीचे है, इसलिए PF पूरे wage पर: ₹23,585 × 12% = ₹2,830
- नया in-hand: ₹47,170 − ₹2,830 = ₹44,340
- In-hand में फ़र्क: ₹45,420 − ₹44,340 = ₹1,080 महीना, यानी ₹1,080 × 12 = ₹12,960 साल
- PF और EPS में हर महीने कुल जमा: पहले ₹2,290 × 2 = ₹4,580, बाद में ₹2,830 × 2 = ₹5,660, यानी ₹1,080 ज़्यादा
यानी हाथ से जितना कम आता है, उतना ही PF और EPS में ज़्यादा जमा होता है। पैसा गायब नहीं होता, बस बाद के लिए बंद हो जाता है। ध्यान रहे, employer के 12% में से 8.33% EPS (pension) में जाता है। 6 लाख वाले के बाद के ₹2,830 में से ₹23,585 × 8.33% = ₹1,965 EPS में जाते हैं और ₹865 PF account में।
3, 6 और 13 लाख CTC: पहले और बाद
यही तरीका तीनों CTC पर लगाया है। 13 लाख वाले के लिए दो रास्ते दिखाए हैं, क्योंकि वहाँ basic ₹25,000 से ऊपर चला जाता है। एक में PF पूरे wage पर कटता है। दूसरा एक scenario है, जिसमें company PF को ₹25,000 की ceiling तक सीमित रखती है (हमारे sources इसकी पुष्टि नहीं करते)। तब PF ₹3,000 पर रुकता है और gross = ₹1,08,333 − ₹3,000 = ₹1,05,333 बनता है। सभी रकमें महीने की हैं।
हमारा हिसाब। नियम: wages की definition (Code on Wages धारा 2(y)), 12% PF (PIB, 17.09.2026), ₹25,000 ceiling (S.O. 5109(E))। 'पहले' का 40% basic हमारी मान्यता है। 'बाद' में wages = gross का 50%, सरल मामला; employer PF को remuneration में गिनें तो wages और ज़्यादा होंगी। 'ceiling तक' वाली पंक्ति company-policy का scenario है, जिसकी sources पुष्टि नहीं करते। In-hand = gross − आपका PF; tax, professional tax और ESI शामिल नहीं (tax नीचे देखिए)। रुपये पूर्णांक में, ₹1 का फ़र्क rounding से हो सकता है।
₹3 लाख (महीना ₹25,000)
- Basic: पहले → बाद
- ₹9,542 → ₹11,792
- आपका PF: पहले → बाद
- ₹1,145 → ₹1,415
- In-hand: पहले → बाद
- ₹22,710 → ₹22,170
- In-hand में फ़र्क
- −₹540
- PF + EPS में कुल जमा का फ़र्क
- +₹540
₹6 लाख (महीना ₹50,000)
- Basic: पहले → बाद
- ₹19,084 → ₹23,585
- आपका PF: पहले → बाद
- ₹2,290 → ₹2,830
- In-hand: पहले → बाद
- ₹45,420 → ₹44,340
- In-hand में फ़र्क
- −₹1,080
- PF + EPS में कुल जमा का फ़र्क
- +₹1,080
₹13 लाख, PF पूरे wage पर (महीना ₹1,08,333)
- Basic: पहले → बाद
- ₹41,348 → ₹51,100
- आपका PF: पहले → बाद
- ₹4,962 → ₹6,132
- In-hand: पहले → बाद
- ₹98,409 → ₹96,069
- In-hand में फ़र्क
- −₹2,340
- PF + EPS में कुल जमा का फ़र्क
- +₹2,340
₹13 लाख, PF ₹25,000 की ceiling तक (scenario)
- Basic: पहले → बाद
- ₹42,133 → ₹52,667
- आपका PF: पहले → बाद
- ₹3,000 → ₹3,000
- In-hand: पहले → बाद
- ₹1,02,333 → ₹1,02,333
- In-hand में फ़र्क
- ₹0
- PF + EPS में कुल जमा का फ़र्क
- ₹0
| सालाना CTC | Basic: पहले → बाद | आपका PF: पहले → बाद | In-hand: पहले → बाद | In-hand में फ़र्क | PF + EPS में कुल जमा का फ़र्क |
|---|---|---|---|---|---|
| ₹3 लाख (महीना ₹25,000) | ₹9,542 → ₹11,792 | ₹1,145 → ₹1,415 | ₹22,710 → ₹22,170 | −₹540 | +₹540 |
| ₹6 लाख (महीना ₹50,000) | ₹19,084 → ₹23,585 | ₹2,290 → ₹2,830 | ₹45,420 → ₹44,340 | −₹1,080 | +₹1,080 |
| ₹13 लाख, PF पूरे wage पर (महीना ₹1,08,333) | ₹41,348 → ₹51,100 | ₹4,962 → ₹6,132 | ₹98,409 → ₹96,069 | −₹2,340 | +₹2,340 |
| ₹13 लाख, PF ₹25,000 की ceiling तक (scenario) | ₹42,133 → ₹52,667 | ₹3,000 → ₹3,000 | ₹1,02,333 → ₹1,02,333 | ₹0 | ₹0 |
सालाना देखें तो in-hand 3 लाख पर ₹540 × 12 = ₹6,480, 6 लाख पर ₹12,960 और 13 लाख पर (PF पूरे wage पर) ₹2,340 × 12 = ₹28,080 घटता है। 3 और 6 लाख वाले उदाहरणों में basic बाद में भी ₹25,000 से नीचे है, इसलिए वहाँ ceiling से कोई राहत नहीं मिलती। ₹25,000 की नई ceiling की वजह से अब उन्हीं लोगों पर ceiling का असर है जिनकी wage ₹25,000 से ऊपर है।
Gratuity: हर साल की service पर कितनी बढ़ती है
मंत्रालय के FAQs के मुताबिक gratuity हर पूरे साल की service (या छह महीने से ज़्यादा के हिस्से) पर, आखिरी wage की दर से 15 दिन की wages है। अधिकतम gratuity अभी ₹20 लाख है। Gratuity आम तौर पर पाँच साल की लगातार service के बाद मिलती है; death, disablement और fixed-term contract खत्म होने पर यह शर्त नहीं है। Additional FAQs के मुताबिक नई wages definition पर gratuity 21 नवंबर 2025 से लागू है। जो employee 21 नवंबर 2025 या उसके बाद नौकरी छोड़ता है या retire होता है, उसकी gratuity आखिरी wage पर Code on Social Security के हिसाब से बनती है।
15 दिन की wages कैसे गिनें: monthly wage को 26 से भाग देकर 15 से गुणा करते हैं। यह तरीका पहले Payment of Gratuity Act 1972 की धारा 4(2) के Explanation में लिखा था (अब वह Act Code में समा चुका है), और Income Tax Department की gratuity exemption formula में भी 15/26 है। Code on Social Security, 2020 की धारा 53 के Explanation 3 में भी यही लिखा है: gratuity हर पूरे साल की service पर monthly wages ÷ 26 × 15 है। हमारे DA-शून्य हिसाब में wage = basic है।
हर साल की gratuity = basic × 15 ÷ 26 (जैसे ₹23,585 × 15 ÷ 26 = ₹13,607)। यह ÷26 का तरीका Code on Social Security की धारा 53 (Explanation 3) और Income Tax formula से है; Code on Social Security की धारा 53 (Explanation 3) में भी यही है। 5 साल वाला कॉलम = हर साल की रकम × 5, यह मानकर कि basic नहीं बढ़ा। असल gratuity आखिरी wage पर बनती है, इसलिए increment के साथ बढ़ेगी।
₹3 लाख
- Basic (wages): पहले → बाद
- ₹9,542 → ₹11,792
- हर साल की gratuity: पहले → बाद
- ₹5,505 → ₹6,803
- 5 साल पूरे होने पर (उसी basic पर)
- ₹27,525 → ₹34,015
₹6 लाख
- Basic (wages): पहले → बाद
- ₹19,084 → ₹23,585
- हर साल की gratuity: पहले → बाद
- ₹11,010 → ₹13,607
- 5 साल पूरे होने पर (उसी basic पर)
- ₹55,050 → ₹68,035
₹13 लाख, PF पूरे wage पर
- Basic (wages): पहले → बाद
- ₹41,348 → ₹51,100
- हर साल की gratuity: पहले → बाद
- ₹23,855 → ₹29,481
- 5 साल पूरे होने पर (उसी basic पर)
- ₹1,19,275 → ₹1,47,405
₹13 लाख, PF ceiling तक (scenario)
- Basic (wages): पहले → बाद
- ₹42,133 → ₹52,667
- हर साल की gratuity: पहले → बाद
- ₹24,308 → ₹30,385
- 5 साल पूरे होने पर (उसी basic पर)
- ₹1,21,540 → ₹1,51,925
| सालाना CTC | Basic (wages): पहले → बाद | हर साल की gratuity: पहले → बाद | 5 साल पूरे होने पर (उसी basic पर) |
|---|---|---|---|
| ₹3 लाख | ₹9,542 → ₹11,792 | ₹5,505 → ₹6,803 | ₹27,525 → ₹34,015 |
| ₹6 लाख | ₹19,084 → ₹23,585 | ₹11,010 → ₹13,607 | ₹55,050 → ₹68,035 |
| ₹13 लाख, PF पूरे wage पर | ₹41,348 → ₹51,100 | ₹23,855 → ₹29,481 | ₹1,19,275 → ₹1,47,405 |
| ₹13 लाख, PF ceiling तक (scenario) | ₹42,133 → ₹52,667 | ₹24,308 → ₹30,385 | ₹1,21,540 → ₹1,51,925 |
हमारे अनुमान से (sources में यह सीधे नहीं लिखा) gratuity पर PF की ceiling का कोई असर नहीं पड़ता। ceiling वाले scenario में जिस employee का PF ₹3,000 पर रुका रहता है, उसकी भी gratuity हर साल ₹24,308 से ₹30,385 हो जाती है। बस यह पैसा नौकरी छोड़ने पर मिलता है, हर महीने नहीं।
Gratuity पर tax: Income Tax Department के मुताबिक गैर-सरकारी employees (जिन पर पहले Gratuity Act लागू था, अब Code on Social Security) के लिए इन तीन में से जो सबसे कम हो, वह tax-free है: (15/26) × आखिरी salary × service के साल, ₹20,00,000, या असल में मिली gratuity। यहाँ salary का मतलब आखिरी basic और DA है, allowances नहीं।
Tax: new regime में क्या बदलता है
Income Tax Department की tax-rates page पर new regime की slabs ये हैं: ₹4 लाख तक शून्य, ₹4 से 8 लाख 5%, ₹8 से 12 लाख 10%, ₹12 से 16 लाख 15%, ₹16 से 20 लाख 20%, ₹20 से 24 लाख 25%, और ₹24 लाख से ऊपर 30%। Tax पर 4% Health and Education Cess लगता है। Section 87A की rebate की वजह से new regime में ₹12 लाख तक की आय पर कोई tax नहीं बनता; salaried के लिए ₹75,000 के standard deduction के साथ यह सीमा ₹12.75 लाख है। New regime में HRA जैसी छूटें नहीं मिलतीं (page के मुताबिक कुछ prescribed allowances को छोड़कर)। हमारे हिसाब में सारे allowances taxable gross में गिने हैं।
Salary पर new regime में ₹75,000 का standard deduction मिलता है। Budget 2026-27 के PIB summary के मुताबिक नया Income-tax Act 2025 अप्रैल 2026 से लागू है, और उस summary में slabs बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है। ध्यान रहे, tax-rates page की slab table AY 2026-27 (यानी FY 2025-26) की है, और ₹75,000 की standard deduction उस page पर AY 2025-26 से जुड़ी है। इन्हें FY 2026-27 की salary पर लगाना हमारा अनुमान है। Budget 2026-27 के बाद employer का PF योगदान ₹7.5 लाख की सीमा से नियंत्रित है; उससे ऊपर का हिस्सा perquisite के रूप में taxable है। Income Tax Department के Retirement Benefits page के मुताबिक employer का योगदान basic salary + DA के 12% तक ही छूट वाला है, उससे ऊपर का हिस्सा taxable। हमारे तीनों उदाहरणों में employer PF ₹7.5 लाख की सीमा से बहुत नीचे है। 12% वाली शर्त पर हमारा हिसाब मानता है कि employer PF इसी दायरे में है, जो पक्का नहीं है। अगर Income Tax के हिसाब का basic Code की wages से कम हो, तो PF का कुछ हिस्सा taxable हो सकता है।
Source: PIB: Summary of Union Budget 2026-27, 1 फ़रवरी 2026 (नया Income-tax Act अप्रैल 2026 से)
अब हिसाब। 6 लाख पर: सालाना gross पहले ₹47,710 × 12 = ₹5,72,520, बाद में ₹47,170 × 12 = ₹5,66,040। ₹75,000 घटाने पर taxable आय ₹4,97,520 से ₹4,91,040 होती है। Slab tax ₹4,876 से ₹4,552, और 87A rebate के बाद दोनों में शून्य (आय ₹12 लाख से नीचे)। 13 लाख पर (PF पूरे wage पर): taxable आय ₹12,40,452 − ₹75,000 = ₹11,65,452 से ₹12,26,412 − ₹75,000 = ₹11,51,412। Slab tax ₹56,545 से ₹55,141। दोनों आय ₹12 लाख से नीचे हैं, इसलिए 87A rebate के बाद tax यहाँ भी शून्य है। Ceiling वाले scenario में taxable आय ₹11,88,996 पर ही रहती है, slab tax ₹58,900। 3 लाख पर taxable आय ₹4 लाख से नीचे है।
यानी slab tax किसी case में नहीं बढ़ता। उलटे taxable salary घटती है, क्योंकि CTC का बड़ा हिस्सा employer PF में चला जाता है, बशर्ते वह tax-free रहे (₹7.5 लाख तक और basic + DA के 12% तक)। 13 लाख वाले उदाहरण में taxable salary साल में ₹14,040 घटती है। जिनकी taxable आय slab में ऊपर के हिस्से में है, उनका tax इस घटी रकम पर अपनी slab की दर जितना कम होगा।
अपनी CTC डालिए: 6 steps का हिसाब
अपनी salary पर यही हिसाब ऐसे करिए। मान्यता वही है: CTC में सिर्फ़ gross और employer PF हैं, DA नहीं है, और wages gross का 50% बनती हैं (सरल मामला)।
- 1. महीने की CTC = सालाना CTC ÷ 12
- 2. नया gross = महीने की CTC ÷ 1.06 (अगर PF पूरे wage पर कटे)
- 3. नया basic (wages) = नया gross × 50%
- 4. अगर नया basic ₹25,000 से ऊपर है और company PF ceiling तक सीमित रखती है (scenario): PF = ₹3,000, gross = महीने की CTC − ₹3,000, और नया basic दोबारा = इस नए gross × 50%। वरना PF = नया basic × 12%
- 5. In-hand (tax, professional tax और ESI से पहले) = नया gross − आपका PF
- 6. हर साल की gratuity = नया basic × 15 ÷ 26 (Code on Social Security, 2020 की धारा 53, Explanation 3; Income Tax formula में भी यही)
Tax जोड़कर असली in-hand देखने के लिए नीचे का calculator इस्तेमाल कीजिए। अपनी salary slip में 'PF wages' वाली line देखिए, और HR से पूछिए कि PF ceiling तक सीमित है या पूरे wage पर। यह भी पूछिए कि आपकी CTC में gratuity जुड़ी है या नहीं, क्योंकि वह भी उसी CTC में से आती है। Overtime भी 50% वाले test में गिना जाता है; overtime की दर के नियम हमारे अलग लेख में हैं।
अपनी in-hand salary निकालिएनौकरी के साल और basic डालकर अपनी gratuity देखिएCTC से कितनी in-hand salary मिलती है? पूरा हिसाबEPF की नई सीमा ₹25,000: सैलरी पर क्या असर?ओवरटाइम कैसे निकालें: नए labour code के नियम 2026Gratuity कैसे निकलती है (English)Frequently asked questions
- नए labour code से in-hand salary कितनी घटेगी?
- हमारे सरल हिसाब में, अगर CTC वही रहे, basic gross के 40% से 50% हो और PF पूरे wage पर कटे, तो in-hand 3 लाख CTC पर ₹540, 6 लाख पर ₹1,080 और 13 लाख पर ₹2,340 महीना घटता है। उतनी ही रकम हर महीने PF और EPS में ज़्यादा जमा होती है। अगर employer PF को भी remuneration में गिना जाए, तो wages और ज़्यादा बनेंगी और फ़र्क बड़ा होगा। 13 लाख पर अगर company PF को ₹25,000 की ceiling तक सीमित रखे (यह scenario है, sources इसकी पुष्टि नहीं करते), तो in-hand नहीं बदलता।
- Labour code का 50% wages rule क्या है?
- Code on Wages की धारा 2(y) के मुताबिक wages में basic pay, DA और retaining allowance आते हैं। HRA, conveyance, overtime, commission, कानूनी bonus और employer PF जैसे payments अगर कुल remuneration के आधे से ज़्यादा हों, तो आधे से ऊपर की रकम wages में जुड़ जाती है। Gratuity इसी wages पर बनती है। PF भी इसी पर बनेगा, यह हमारी मान्यता है; sources से पक्का नहीं कि EPF की कटौती अभी नई wages पर हो रही है।
- नया labour code कब से लागू है?
- चारों labour codes 21 नवंबर 2025 से लागू हैं (PIB, 21 नवंबर 2025)। मंत्रालय के FAQs के मुताबिक wages की नई definition और उस पर gratuity भी 21 नवंबर 2025 से लागू है।
- नए labour code से gratuity कितनी बढ़ेगी?
- Gratuity हर साल की service पर monthly wages × 15 ÷ 26 है (Code on Social Security, 2020 की धारा 53, Explanation 3 के मुताबिक; Income Tax formula में भी यही)। हमारे DA-शून्य हिसाब में wages = basic है। 6 लाख CTC के उदाहरण में basic ₹19,084 से ₹23,585 होने पर हर साल की gratuity ₹11,010 से ₹13,607 हो जाती है। उसी basic पर 5 साल की gratuity ₹55,050 से ₹68,035। हमारे अनुमान से PF ceiling का gratuity पर कोई असर नहीं पड़ता (sources में यह सीधे नहीं लिखा)।
- क्या नए labour code से income tax बढ़ेगा?
- हमारे उदाहरणों में slab tax नहीं बढ़ता। Employer PF tax-free रहे (₹7.5 लाख तक और basic + DA के 12% तक), तो CTC का बड़ा हिस्सा PF में जाने पर taxable salary घटती है। तीनों उदाहरणों में taxable आय ₹12 लाख से नीचे है, इसलिए 87A rebate के बाद tax शून्य है। 13 लाख वाले उदाहरण में taxable salary साल में ₹14,040 घटती है और slab tax ₹56,545 से ₹55,141 होता है। ये slabs और rebate Budget 2025-26 (PIB, 1 Feb 2025) के हैं; मौजूदा साल में कोई बदलाव हो तो हिसाब उसी के हिसाब से बदलेगा।
- PF की ₹25,000 ceiling का in-hand पर क्या असर है?
- EPFO की wage ceiling 17 सितंबर 2026 से ₹25,000 है, यानी ₹25,000 या असल wages, जो कम हो, लागू statutory provisions और scheme rules के अधीन। जिनकी wage ₹25,000 से कम है, उनका PF असल wage पर ही कटता है, इसलिए basic बढ़ने पर in-hand घटता है। एक scenario में wage ₹25,000 से ऊपर है और company PF को ceiling तक सीमित रखती है। तब PF ₹25,000 × 12% = ₹3,000 पर रुकता है और in-hand नहीं बदलता। यह company की policy का scenario है, जिसकी हमारे sources पुष्टि नहीं करते।