15 सितंबर 2026 को NPCI (National Payments Corporation of India) ने एक सर्कुलर जारी किया: कुछ merchant payments पर MDR (Merchant Discount Rate) यानी व्यापारी शुल्क लगाने की व्यवस्था (शुरू होने की तारीख़ के लिए नीचे update देखिए)। खबर पढ़कर लगा कि UPI महँगा हो गया — असल में ज़्यादातर लोगों के लिए कुछ नहीं बदला।
Update, 6 नवंबर 2026: NPCI की 13 अक्टूबर 2026 की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार UPI और Services Steering Committee ने त्योहारों को देखते हुए तय किया कि select P2M UPI लेन-देन पर MDR दिवाली के ठीक बाद, अलग से अधिसूचित की जाने वाली तारीख़ से लागू होगा। यानी शुरू होने की कोई पक्की तारीख़ NPCI की website पर 6 नवंबर 2026 तक अधिसूचित नहीं मिली है। ताज़ा स्थिति के लिए npci.org.in पर circulars देखिए। तारीख़ अधिसूचित होते ही हम यह लेख update करेंगे।
नियम सीधे शब्दों में
- चार्ज 0.4% है, और सिर्फ ₹2,000 से ऊपर वाले कुछ merchant payments (P2M) पर।
- एक लेन-देन पर ज़्यादा से ज़्यादा ₹300 — इससे ऊपर नहीं।
- दोस्त या परिवार को भेजा पैसा (P2P) पूरी तरह मुफ़्त है।
- ₹2,000 तक के merchant payment पर कोई शुल्क नहीं — NPCI के अनुसार दुकानों पर होने वाले 95% से ज़्यादा UPI payments इसी दायरे में आते हैं।
- यह शुल्क दुकानदार देता है, ग्राहक नहीं — और दुकानदार इसे ग्राहक से वसूल नहीं कर सकता।
तो ग्राहक के लिए क्या बदला
कुछ नहीं। चाय के ₹20 हों या किराने के ₹1,800 — आपकी जेब से पहले जितना जाता था, उतना ही जाएगा। बैंक और ऐप्स को साफ़ कहा गया है कि यह शुल्क ग्राहक तक न पहुँचे।

दुकानदार के लिए महीने का हिसाब
मान लीजिए एक दुकान पर महीने में ₹3 लाख का UPI आता है, जिसमें ₹1 लाख ऐसे payments का है जो ₹2,000 से ऊपर हैं। शुल्क सिर्फ उसी ₹1 लाख पर लगेगा: 0.4% यानी ₹400 महीना। बाकी ₹2 लाख पर कुछ नहीं। एक ₹5,000 के payment पर ₹20 कटेगा, ₹1 लाख के एक ही payment पर 0.4% तो ₹400 होता, पर सीमा ₹300 है — इसलिए ₹300 ही। साल भर में यह ₹4,800 के आसपास बैठता है, जिसे कारोबार का खर्च माना जाएगा।
दुकानदार अब क्या करे
- जब शुल्क लागू हो, तब अपने settlement statement में शुल्क की लाइन देखिए — कितना कटा, किन payments पर।
- बड़े ऑर्डर पर कीमत तय करते समय इस 0.4% को लागत में जोड़िए, ग्राहक से अलग से माँगिए मत — वह मना है।
- यह खर्च कारोबार का है, इसलिए हिसाब-किताब में दर्ज रखिए।
- QR कोड और ऐप वही रहेंगे; कुछ बदलने की ज़रूरत नहीं।
Frequently asked questions
- क्या अब UPI इस्तेमाल करने पर चार्ज लगेगा?
- ग्राहक के लिए नहीं। UPI ग्राहकों के लिए पूरी तरह मुफ़्त है — P2P भी और ₹2,000 तक के merchant payment भी।
- 0.4% का चार्ज किस पर लगता है?
- ₹2,000 से ऊपर के कुछ merchant (P2M) payments पर, और यह दुकानदार देता है। एक लेन-देन पर अधिकतम ₹300।
- यह नियम कब से लागू है?
- NPCI ने सर्कुलर 15 सितंबर 2026 को जारी किया था। NPCI की 13 अक्टूबर 2026 की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार MDR दिवाली के ठीक बाद, अलग से अधिसूचित तारीख़ से लागू होगा। शुरू होने की कोई पक्की तारीख़ NPCI की website पर 6 नवंबर 2026 तक अधिसूचित नहीं मिली है, इसलिए ताज़ा स्थिति के लिए npci.org.in पर circulars देखिए।
- क्या दुकानदार यह चार्ज ग्राहक से ले सकता है?
- नहीं। बैंकों को साफ़ निर्देश है कि यह शुल्क ग्राहक तक न पहुँचाया जाए।
- ₹3 लाख महीने के कारोबार पर कितना कटेगा?
- सिर्फ ₹2,000 से ऊपर वाले हिस्से पर 0.4%। अगर वह हिस्सा ₹1 लाख है तो ₹400 महीना।