15 सितंबर 2026 को NPCI (National Payments Corporation of India) ने एक सर्कुलर जारी किया: 15 अक्टूबर 2026 से कुछ merchant payments पर MDR (Merchant Discount Rate) यानी व्यापारी शुल्क लगेगा। खबर पढ़कर लगा कि UPI महँगा हो गया — असल में ज़्यादातर लोगों के लिए कुछ नहीं बदला।
नियम सीधे शब्दों में
- चार्ज 0.4% है, और सिर्फ ₹2,000 से ऊपर वाले कुछ merchant payments (P2M) पर।
- एक लेन-देन पर ज़्यादा से ज़्यादा ₹300 — इससे ऊपर नहीं।
- दोस्त या परिवार को भेजा पैसा (P2P) पूरी तरह मुफ़्त है।
- ₹2,000 तक के merchant payment पर कोई शुल्क नहीं — NPCI के अनुसार दुकानों पर होने वाले 95% से ज़्यादा UPI payments इसी दायरे में आते हैं।
- यह शुल्क दुकानदार देता है, ग्राहक नहीं — और दुकानदार इसे ग्राहक से वसूल नहीं कर सकता।
तो ग्राहक के लिए क्या बदला
कुछ नहीं। चाय के ₹20 हों या किराने के ₹1,800 — आपकी जेब से पहले जितना जाता था, उतना ही जाएगा। बैंक और ऐप्स को साफ़ कहा गया है कि यह शुल्क ग्राहक तक न पहुँचे।

दुकानदार के लिए महीने का हिसाब
मान लीजिए एक दुकान पर महीने में ₹3 लाख का UPI आता है, जिसमें ₹1 लाख ऐसे payments का है जो ₹2,000 से ऊपर हैं। शुल्क सिर्फ उसी ₹1 लाख पर लगेगा: 0.4% यानी ₹400 महीना। बाकी ₹2 लाख पर कुछ नहीं। एक ₹5,000 के payment पर ₹20 कटेगा, ₹1 लाख के एक ही payment पर 0.4% तो ₹400 होता, पर सीमा ₹300 है — इसलिए ₹300 ही। साल भर में यह ₹4,800 के आसपास बैठता है, जिसे कारोबार का खर्च माना जाएगा।
दुकानदार अब क्या करे
- अक्टूबर से अपने settlement statement में शुल्क की लाइन देखिए — कितना कटा, किन payments पर।
- बड़े ऑर्डर पर कीमत तय करते समय इस 0.4% को लागत में जोड़िए, ग्राहक से अलग से माँगिए मत — वह मना है।
- यह खर्च कारोबार का है, इसलिए हिसाब-किताब में दर्ज रखिए।
- QR कोड और ऐप वही रहेंगे; कुछ बदलने की ज़रूरत नहीं।
Frequently asked questions
- क्या अब UPI इस्तेमाल करने पर चार्ज लगेगा?
- ग्राहक के लिए नहीं। UPI ग्राहकों के लिए पूरी तरह मुफ़्त है — P2P भी और ₹2,000 तक के merchant payment भी।
- 0.4% का चार्ज किस पर लगता है?
- ₹2,000 से ऊपर के कुछ merchant (P2M) payments पर, और यह दुकानदार देता है। एक लेन-देन पर अधिकतम ₹300।
- यह नियम कब से लागू है?
- 15 अक्टूबर 2026 से। NPCI ने सर्कुलर 15 सितंबर 2026 को जारी किया था।
- क्या दुकानदार यह चार्ज ग्राहक से ले सकता है?
- नहीं। बैंकों को साफ़ निर्देश है कि यह शुल्क ग्राहक तक न पहुँचाया जाए।
- ₹3 लाख महीने के कारोबार पर कितना कटेगा?
- सिर्फ ₹2,000 से ऊपर वाले हिस्से पर 0.4%। अगर वह हिस्सा ₹1 लाख है तो ₹400 महीना।