दिवाली के आस-पास बहुत-सी कंपनियाँ बोनस देती हैं, और उसी महीने की salary slip देखकर कई लोग चौंक जाते हैं: बोनस आया, पर TDS भी अचानक बढ़ गया। यह गलती नहीं है। बोनस आपकी salary का ही हिस्सा है, और उस पर टैक्स उसी हिसाब से लगता है।
पर एक बात कम लोग जानते हैं: new regime में ₹12 लाख की सीमा के ठीक ऊपर, बोनस का बड़ा हिस्सा टैक्स में जा सकता है। नीचे पूरा हिसाब है।
बोनस पर टैक्स कैसे लगता है
- Cash बोनस पूरी तरह taxable है। वह आपकी salary में जुड़ता है और आपके slab के हिसाब से टैक्स लगता है।
- Employer उसी महीने TDS काटता है। वह पूरे साल की आमदनी दोबारा अनुमान लगाता है, इसलिए बोनस वाले महीने में TDS अक्सर बहुत ज़्यादा दिखता है।
- कंपनी से मिले gift voucher या सामान (cash नहीं) साल में ₹15,000 तक tax-free हैं। यह सीमा 1 अप्रैल 2026 से ₹5,000 से बढ़कर ₹15,000 हुई है, और दोनों regime में लागू है।
- पर ध्यान दें: साल भर के gifts का कुल मूल्य ₹15,000 से ज़्यादा हुआ तो पूरी रकम taxable हो जाती है, सिर्फ़ ऊपर का हिस्सा नहीं।
₹12 लाख की सीमा का खेल
New regime में salaried व्यक्ति को ₹75,000 का standard deduction मिलता है, और taxable आय ₹12 लाख तक हो तो rebate के बाद कोई टैक्स नहीं बनता। यानी ₹12.75 लाख तक की salary पर टैक्स शून्य। इसके ऊपर marginal relief लागू होती है: टैक्स, ₹12 लाख के ऊपर की आय से ज़्यादा नहीं हो सकता। इस पट्टी में आपकी हर अतिरिक्त कमाई का लगभग पूरा हिस्सा टैक्स में जाता है, जब तक taxable आय करीब ₹12.7 लाख पार न हो जाए।

दो उदाहरण, एक ही बोनस
New regime, ₹1 लाख बोनस। पहला व्यक्ति: salary ₹12 लाख। बोनस के बिना taxable आय ₹11.25 लाख, टैक्स शून्य। बोनस के साथ taxable आय ₹12.25 लाख - slab से टैक्स ₹63,750 बनता, पर marginal relief उसे ₹12 लाख के ऊपर के ₹25,000 तक सीमित करती है; 4% cess जोड़कर ₹26,000। यानी ₹1 लाख बोनस में से ₹26,000 टैक्स। दूसरा व्यक्ति: salary ₹15 लाख। टैक्स ₹97,500 से बढ़कर ₹1,13,100 - बोनस पर ₹15,600। कम salary वाले का बोनस ज़्यादा महँगा पड़ा।
Old regime में
Old regime में बोनस आपके slab पर taxable है, पर deductions (जैसे 80C, health insurance premium) बचा सकते हैं। अगर आप old regime चुनते हैं तो बोनस वाला साल deductions पूरे करने का सही मौका है।
क्या कर सकते हैं
- अपनी salary slip में साल का अनुमानित टैक्स देखें। बोनस वाले महीने का बढ़ा TDS साल भर का हिसाब है, अलग टैक्स नहीं।
- ₹12-12.7 लाख की पट्टी में हैं तो employer से पूछें कि क्या बोनस का कुछ हिस्सा NPS में employer contribution के रूप में दिया जा सकता है। New regime में employer का NPS योगदान basic salary के 14% तक deduction है।
- Cash की जगह gift voucher मिल रहे हों तो साल भर का कुल ₹15,000 से नीचे रखें।
- Regime बदलने का फ़ैसला पूरे साल की आय और deductions देखकर करें, सिर्फ़ बोनस देखकर नहीं।
Frequently asked questions
- क्या दिवाली बोनस पर टैक्स लगता है?
- हाँ। Cash बोनस salary का हिस्सा है और आपके slab के हिसाब से taxable है। Employer उस पर उसी महीने TDS काटता है।
- कंपनी से मिले gift voucher पर टैक्स लगता है?
- 1 अप्रैल 2026 से कंपनी के gifts और vouchers (cash नहीं) साल में कुल ₹15,000 तक tax-free हैं, दोनों regime में। कुल मूल्य इससे ज़्यादा हुआ तो पूरी रकम taxable हो जाती है।
- बोनस वाले महीने में TDS इतना ज़्यादा क्यों कटा?
- Employer बोनस जोड़कर पूरे साल की आय फिर से अनुमान लगाता है और बाकी साल का टैक्स उसी हिसाब से काटता है, इसलिए बोनस वाले महीने में TDS बढ़ा दिखता है।
- ₹12 लाख salary पर ₹1 लाख बोनस मिले तो कितना टैक्स?
- New regime में करीब ₹26,000, marginal relief और cess सहित। बोनस के बिना इस salary पर टैक्स शून्य होता।
- Marginal relief क्या है?
- New regime में taxable आय ₹12 लाख से थोड़ी ऊपर हो तो टैक्स ₹12 लाख के ऊपर की आय से ज़्यादा नहीं हो सकता। यह राहत taxable आय करीब ₹12.7 लाख तक लागू रहती है।