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IPO अलॉटमेंट स्टेटस — अपना अलॉटमेंट कैसे चेक करें

जो IPO बंद हो चुके हैं और जिनका अलॉटमेंट आ गया है या आने वाला है — हर एक के सही रजिस्ट्रार के सीधे लिंक के साथ।

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बड़ा IPO

Jio Platforms IPO allotment कैसे चेक करें

Basis of allotment: Mon 26 Oct 2026 (रिपोर्टेड) · शेयर demat में: Tue 27 Oct 2026

  • Retail और Reliance shareholder quota, दोनों में apply किया? दोनों के application number अलग हैं, दोनों अलग-अलग check कीजिए।
  • उस दिन registrar की site धीमी होगी, लाखों लोग एक साथ देखेंगे। तब BSE वाला link, broker app का IPO section, या shares credit होने पर आने वाला CDSL/NSDL SMS देखिए।
  • पैसा block हुआ पर bid exchange तक नहीं पहुँची? Bank पर compensation बनता है: कितना, यहाँ देखिए

Jio Platforms IPO: GMP, dates, allotment chances →

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अभी का अलॉटमेंट स्टेटस

जल्द बंद होंगे — इनका अलॉटमेंट अगला है

IPO अलॉटमेंट ऑनलाइन कैसे चेक करें

  1. रजिस्ट्रार की वेबसाइट खोलें

    ऊपर IPO के आगे दिए लिंक से सीधे सही रजिस्ट्रार पर पहुँचें। रजिस्ट्रार का नाम IPO के RHP और एक्सचेंज की सूचना में भी होता है।

  2. IPO का नाम चुनें

    ड्रॉपडाउन में कंपनी का नाम तभी आता है जब अलॉटमेंट प्रकाशित हो जाए। नाम न दिखे तो इसका मतलब है अलॉटमेंट अभी आया नहीं।

  3. PAN डालें

    PAN सबसे आसान है। आवेदन नंबर या DP ID/Client ID से भी देख सकते हैं। कई साइट पर captcha भरना होता है।

  4. नतीजा पढ़ें

    ‘Securities allotted’ में संख्या हो तो शेयर मिले हैं। शून्य हो तो नहीं मिले — पैसा अपने-आप अनब्लॉक होगा।

सभी रजिस्ट्रार — सीधे अलॉटमेंट लिंक

पता नहीं आपके IPO का रजिस्ट्रार कौन है? ऊपर की लिस्ट में हर IPO के आगे उसका नाम लिखा है। नीचे सभी रजिस्ट्रार के सीधे पेज हैं — किसी एक पर PAN डालकर देख लीजिए।

शेयर नहीं मिले तो पैसे कब वापस आएंगे?

ASBA में पैसे कटते नहीं, सिर्फ़ ब्लॉक होते हैं। अलॉटमेंट न मिलने पर बैंक वही ब्लॉक हटा देता है और रकम आपके खाते में फिर से इस्तेमाल लायक हो जाती है — कोई अलग रिफंड नहीं आता।

  • • अलॉटमेंट तय होने के बाद — जिनको शेयर नहीं मिले, उनका ब्लॉक हटना शुरू हो जाता है।
  • • लिस्टिंग के दिन तक — आम तौर पर तब तक रकम खुल चुकी होती है। T+3 शेड्यूल में यह बंद होने के तीसरे कारोबारी दिन के आसपास पड़ता है।
  • • ब्लॉक नहीं हटा? — पहले अपने बैंक से पूछें (ब्लॉक बैंक ने लगाया है, रजिस्ट्रार ने नहीं), फिर ब्रोकर से। देरी पर SEBI के नियम के तहत मुआवज़े का प्रावधान है।

तारीख़ें अनुमानित हैं — असली तारीख़ हर IPO के अपने शेड्यूल से तय होती है।

शेयर क्यों नहीं मिले?

  • • लॉटरी: रिटेल आवेदन उपलब्ध लॉट से ज़्यादा हों तो कंप्यूटर लॉटरी निकलती है। 40 गुना सब्सक्रिप्शन पर कम से कम मोटे तौर पर 40 में से 1 आवेदन को लॉट मिलता है; कई लोग एक से ज़्यादा लॉट लगाते हैं, इसलिए असल संभावना अक्सर इससे बेहतर होती है।
  • • mandate मंज़ूर नहीं हुआ: UPI request समय पर स्वीकार न हो तो बोली गिनी ही नहीं जाती।
  • • cut-off से कम बोली: प्राइस बैंड के ऊपरी भाव पर IPO तय हुआ और आपकी बोली कम थी, तो आवेदन बाहर हो जाता है।
  • • एक PAN से दो आवेदन: एक ही IPO में एक PAN से दो बार आवेदन करने पर दोनों रद्द हो सकते हैं।

IPO अलॉटमेंट — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

IPO अलॉटमेंट स्टेटस कहाँ चेक करें?

सबसे भरोसेमंद जगह IPO का रजिस्ट्रार है — जैसे Bigshare, KFin Technologies या MUFG Intime। वहाँ IPO का नाम चुनकर PAN, आवेदन नंबर या DP ID डालें। BSE और NSE की वेबसाइट पर भी स्टेटस मिलता है। ऊपर हर IPO के आगे उसके रजिस्ट्रार का सीधा लिंक दिया है।

IPO अलॉटमेंट किस समय आता है?

IPO बंद होने के लगभग एक कामकाजी दिन बाद अलॉटमेंट का आधार (basis of allotment) तय होता है और आमतौर पर शाम तक रजिस्ट्रार की साइट पर स्टेटस दिखने लगता है। कोई तय घंटा नहीं होता — इसलिए हम इसे तभी 'आ गया' लिखते हैं जब रजिस्ट्रार ने सच में प्रकाशित किया हो।

शेयर नहीं मिले तो पैसा कब वापस आएगा?

UPI से आवेदन में पैसा कटता नहीं, सिर्फ ब्लॉक होता है। अलॉटमेंट न मिलने पर आमतौर पर अलॉटमेंट के अगले कामकाजी दिन तक mandate रद्द होकर पैसा अनब्लॉक हो जाता है। देर हो तो पहले अपने बैंक से UPI mandate की स्थिति पूछें।

अलॉट हुए शेयर डीमैट में कब आते हैं?

लिस्टिंग से एक कामकाजी दिन पहले, यानी IPO बंद होने के लगभग दो कामकाजी दिन बाद, शेयर डीमैट खाते में क्रेडिट हो जाते हैं। लिस्टिंग के दिन सुबह के विशेष pre-open सत्र के बाद इन्हें बेचा जा सकता है।

IPO अलॉटमेंट की संभावना कैसे बढ़ाएँ?

मेनबोर्ड IPO की रिटेल कैटेगरी में ज़्यादा लॉट लगाने से संभावना नहीं बढ़ती — ओवरसब्सक्राइब होने पर पहले हर आवेदन को एक-एक लॉट दिया जाता है, और आवेदन लॉट से ज़्यादा हों तो लॉटरी निकलती है, जिसमें हर विजेता को एक ही लॉट मिलता है। परिवार के सदस्यों के अपने PAN और डीमैट से अलग आवेदन अलग लॉटरी टिकट हैं। cut-off price पर बोली लगाएँ और UPI mandate समय पर मंज़ूर करें।

अलॉटमेंट की तारीखें रजिस्ट्रार की पुष्टि होने तक अनुमान हैं; “आ गया” तभी लिखा जाता है जब रजिस्ट्रार ने सच में प्रकाशित किया हो या लिस्टिंग हो चुकी हो। यह जानकारी के लिए है, निवेश सलाह नहीं।